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सोमवार, 27 जून 2016

PREPARATION TIPS FOR ECONOMICS




इकोनॉमिक्स लगभग हर किसी के लिए काफी कठिन सब्जेक्ट पड़ता है।  आज आप से वो बुक्स शेयर कर रहा हूँ जो मैंने पढ़ी है।  

  1.  दत्त & सुंदरम 
  2. डा. लाल & लाल 
  3. रमेश सिंह 
  4. प्रतियोगिता दर्पण का अतिरिक्तक 
  5. NCERT की बुक्स 
  6. इकनोमिक सर्वे 


इसके अलावा आप MRUNAL PATEL के VIDEO  भी देख सकते है काफी अच्छे है।  

गुरुवार, 23 जून 2016

thought/ lines for essay writing


एक निबंध की रूप रेखा -

कभी कभी बहुत अच्छी चीजे पढ़ने को मिल जाती है जिनको पढ़कर मन ,बहुत  दूर तक सोचने लगता है.  मैंने हाल  में कुछ बहुत  ही अच्छी बात पढ़ी।   

" सारा विश्व पानी  की प्रॉब्लम से जूझ रहा है और हमे पता है कि  सिंचाई  में पानी  की जरूरत बहुत  ज्यादा होती है।  भारत में कुछ क्रॉप्स , बहुत  ज्यादा पानी  खपत करती है।  जैसे धान , गन्ना।  हम इनके जुड़े उत्पाद बाहर भी भेजते है।  चीन अपने यहां पर ऐसी फसलों को ज्यादा महत्व दे रहा है जो पानी की सिमित खपत करती है।  ज्यादा पानी वाली फसले , वह बाहर से आयात कर लेता है।  

ऐसे में भारत को भी दूर की सोचते हुये , अपने पानी के सिमित भंडार को सुरक्षित रखने के लिए विचार करना चाहिए. पिछले २ सालो से भारत में सूखा पड़ रहा है। जिसके चलते भारत के बड़ा हिस्सा , सूखे से जूझ रहा है।  अगर बात महाराष्ट्र की करें तो एक और लातूर में रेल से पानी भेजना पड़ता है तो दूसरी तरह वह गन्ने का बड़ा उत्पादक है।  इस राज्य में पानी की कमी नहीं है कमी है उचित प्रबंधन की।  

आने वाले समय में ऐसा कहा  जा रहा है की पानी के लिए विश्व युद्ध हो सकता है। भारत की अवस्थिति बहुत अच्छी है।  इसके चलते भारत में वर्षा काफी मात्रा में होती है।  वर्षा के जल को संरक्षित किया जाना चाहिए।  


मंगलवार, 21 जून 2016

kbhir ki famous lines / dohe



यह मेरा  नोट्स जैसा है।  कभी कबीर पर लिखना पड़े तो इन को आधार बना कर उत्तर लिखा जा सकता है।  जो 





  • मो को कहाँ ढूँढ़े रे बंदे, मैं तो तेरे पास में


  • 'घर-घर में वह साईं बसता, कटुक बचन मत बोल रे'

  • हिरदा भीतर आरसी, मुख देखणा न जाई/मुख तो तौपरि देखिए, जे मन की दुविधा जाई।'

  • 'साईं इतना दीजिए जा में कुटुम समाय।
  • मैं भी भूखा न रहूँ, साधु न भूखा जाय।'

  • माया तजूँ, तजी न जाय/फिरि फिरि माया मोहे लिपटाय


  • काहे रे मन दह दिसि धावै, विषिया संग संतोष न पावै'

  • जब आवै संतोष धन, सब धन धूरि समान

  • मैं मैं बड़ी बलाई है, सकै तो निकसि भाजि/ कब लग राखौ हे सखी, रूई पलेटी आग'


  • कबीर अपने जीवते, एै दोई बातें धोई / लोभ बड़ाई कारणौ, अछता मूल न खोई
  • जो तू बामन बामनी जाया, आन बाट तै क्यों न आया / जो तू तुरक तुरकनी जाया, भीतर खतना क्यों न कराया


  • 'पाहन पूजे हरि मिले, मैं पूजूँ पहार।
  • ताते या चाकी भली, पीस खाय संसार।'
  • काँकर पाथर जोरि कै, मसजिद लई बनाय।
  • ता चढ़ मुल्ला बाँग दे, बहरो भयो खुदाय।'

  • 'निंदक नियरे राखिए'

  • सुखिया सब संसार हे, खावै अरु सोवै
  • दुखिया दास कबीर है, जागै अरु रोवै।'

  • कबीरा खड़ा बजार  में , मागे  सबकी खैर। 
  • कबीरा यह संसार है जैसे सेमल फूल 
  • गुरु गोविन्द दोउ खड़े , काके  लागु पाय 
  • बकरी पाती  खात  है , ताकि काढ़ि खाल 
  • जे नर  बकरी खात  है , उनके कौन हवाल 





सोमवार, 20 जून 2016

Your words are so precious





शब्द आपके बहुत  कीमती होते है इन्हे बहुत  सोच कर , सम्भल कर प्रयोग करें।  यह मोती है। इन्हे व्यर्थ में मत खर्च करें।  

शुक्रवार, 17 जून 2016

Important book for environment




  • वैसे मैंने जुरुरी किताबों पर पहले भी पोस्ट कर चुका हूँ , एक जरूरी बूक बताने को भूल गया था। ईराक भरूचा की environment  वाली बूक बहुत ही सरल और सटीक  है।  
  • लगभग सारे प्रश्न इसमें छुपे है।  
  • यह पुस्तक इसलिए भी जरूरी है क्युकी इसके आधार पर बहुत से एस्से लिखे जा सकते है।  
  • अगर आप जल्दबाजी में इसे पढ़े तो आपको कुछ भी नहीं मिलेगा। 
  • इसलिए बहुत सरल तरीके से अंडरलाइन करते हुए पढ़े आपको मजा आएगा।  

गुरुवार, 16 जून 2016

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  1. " जरूरी नही की हर बात का जबाब मुह से ही दिया जाय " 
    शांत रह कर , सही मौके का इंतजार करे । कर्म करते रहे ।

गुरुवार, 9 जून 2016

Race

दौड़




इंटर करते ही जीवन की दौड़ शुरू हो गयी , जूझता रहा, गिरा , चोट भी खाई पर आगे बढ़ता गया ... अभी भी दौड़ खत्म न हुयी है पर अब कभी कभी सकून से सांस लेता हूँ ........ पीछे मुड़ कर देखता हूँ तो बहुत अच्छा लगता है ............... ज़िंदगी मे हासिल काफी कुछ कर लिया है ........... मन मे अब उतनी छटपटाहट भी नही रहती ........... कुल जमा खुश रहता हूँ ..
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हम सब में कुछ न खास हुनर होता है बस जरूरत होती है उसे पहचानने की उसमें दक्ष होने की । एक बार इस सिद्धान्त को समझ गए तो फिर देखो जिंदगी का आनंद बहुत शानदार है ये जिंदगी

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