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गुरुवार, 25 मई 2017

India's progress in infrastructure project


अवसंरचना के क्षेत्र में भारत के बढ़ते कदम 


किसी भी राष्ट्र की प्रगति के लिए मजबूत , विकसित अवसंरचना बेहद अहम भूमिका निभाती है। भारत के लिए ऐसा कहा जाता रहा है कि यहाँ पर प्राथमिक क्षेत्र के विकास के बाद सीधे तृतीयक क्षेत्र अर्थात सेवा क्षेत्र का विकास हुआ, इसके चलते यहां पर अवसंरचना का विकास अवरुद्ध रहा। 

आज असम में भारत के सबसे बड़े नदी पुल धोला -सदिया  का उद्घाटन , भारत सरकार द्वारा इस क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्धता का अच्छा उदाहरण है। ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी लोहित पर 9. 20  किलोमीटर लम्बे पुल के निर्माण में लगभग 950  करोड़ का खर्च आया है। इस पुल के निर्माण से पूर्वी भारत में भारत की पहुंच तेज होगी।  असम से अरुणाचल प्रदेश में पहुंचने में 4 घंटे समय की बचत होगी। इस पुल से लगभग 60 टन वजनी सेना का टैंक गुजर सकता है। इससे भारत पूर्व में अपनी सेना की तेज पहुंच सुनिश्चित कर सकेगा। विदित हो कि अरुणाचल को लेकर चीन के साथ भारत के सम्बन्ध तनावपूर्ण रहे है।  

इससे पूर्व मार्च में जम्मू से श्रीनगर सम्पर्क मार्ग में भारत की सबसे लम्बी रोड सुरंग ,  9. 2  किलोमीटर लम्बे रोड टनल चेन्नी -नाशरी  का भी उद्द्घाटन हो चूका है। उक्त उद्धरण भारत की अवसंरचना निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दिखलाते है।   

आशीष कुमार 
उन्नाव , उत्तर प्रदेश।  

सोमवार, 8 मई 2017

Essay

फ्रान्स में मैक्रॉ की राष्ट्पति के तौर पर  जीत विश्व  के लिए कई मायनो में अहम है । उन्होंने ली पेन को हराया जो प्रबल राष्टवाद, संरक्षणवाद की हिमायती थी। इस तरह से यूरोप की एकता की जीत हुयी है । ब्रिटेन की eu से अलग होना, ट्रम्प की जीत के बाद से विश्व में एक अलग तरह का माहौल दिखने लगा था। eu में शरणार्थी का मुद्दा, रोजगार को लेकर सभी देशों में प्रबल राष्टवाद का उभार हुआ है जिसमें सभी अपनी सीमा विश्व के लिए बंद करने का दबाव बना रहे है । वस्तुतः यह वैस्वीकरण के पीछे हटने जैसा था ।
अगर ऐसा होता तो भारत जैसे विकाशसील देशों के लिए काफी मुश्किल भरा होता क्यूकि इन देशों में एक बड़ा बाजार बन्द हो जाता ।
आशा की जा सकती है कि अब विश्व में बदलाव आएगा यह देखना रोचक होगा कि जर्मनी में मर्केल की जीत होती है या नही ।

( यह लघु लेख ,जनसत्ता में १० मई २०१७ को पत्र के तौर पर प्रकाशित हुआ है।  ) 

मंगलवार, 24 जनवरी 2017

Hindi sahitya for ias mains : Novels

आईएएस के लिए हिंदी साहित्य में कुल 4 novel पढ़ने है ।
गोदान - प्रेमचंद्र
दिव्या  -यशपाल
मैला आँचल  -रेणु
महाभोज - मन्नू भण्डारी

चारों नावेल अपनी विषयवस्तु , भाषा शैली , उद्देश्य की दृष्टि से सरस, रोचक , प्रभावी व अनूठे है । इनका रचनाकाल भी उक्त क्रम में ही है । गोदान में भारतीय किसान की महागाथा , दिव्या में नारी स्वत्रंत्रता , मैला आँचल में भारतीय गावँ तथा महाभोज में राजनीति , खोखले लोकत्रंत की विद्रूपता का मार्मिक , सजीव , जीवंत सरस व मन पर अमिट प्रभाव छोड़ने वाला वर्णन है ।

शुक्रवार, 27 मई 2016

यशपाल का " झूठा सच"


यशपाल का " झूठा सच"



  • भारत विभाजन की मार्मिक अभिव्यक्ति 
  • दो भागो मे -1 वतन और देश 2 देश का भविषय 
  • प्रमुख पात्र - जयदेव पूरी ,उसकी बहन तारा , उसकी प्रेमिका कनक , मास्टर राम लुभाया , इनके बड़े भाई राम ज्वाला , डा. प्राणनाथ ,
  • पहला भाग लाहौर की कथा है तो दूसरे में दिल्ली 
  • सम्प्रदायिक दंगे , उसकी पृवत्ति कथा का सटीक विवरण है।  
  • यशपाल जी  ने  कलम को माध्यम बना कर अपने भोगे यथार्थ को उकेरा है 
  • इस नावेल में तत्कालीन समाज के हर पहलू पर नजर डाली गई है।  
  • स्त्री विमर्श की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण 
  • श्यामा जो की ३३ की होकर भी अविवाहित है उसका सम्बन्ध डे  से  है जोकि विवाहित है 3 बच्चों का पिता भी है।  
  • इस नावेल की भाषा बहुत  सरल और प्रवाहमयी  है  . कथानक बहुत  लम्बा होते हुए भी उबाऊ नहीं है क्योंकि  भाषा जनजीवन की भाषा है।  



  • झूठासच में सच को कल्पना से रंग कर उसी जन समुदाय को सौंप रहा हूँ जो सदा झूठ से ठगा जाकर भी सच के लिये अपनी निष्ठा और उसकी ओर बढ़ने का साहस नहीं छोड़ता। -यशपाल
  • ‘झूठा सच’ देश विभाजन और उसके परिणाम के चित्रण की काफ़ी ईमानदारी से लिखी गई कहानी है। पर यह उपन्यास इसी कहानी तक ही सीमित नहीं है। देश-विभाजन की सिहरन उत्पन्न करने वाली इस कहानी में स्नेह, मानसिक और शारीरिक आकर्षण, महात्वाकांक्षा, घृणा, प्रतिहिंसा आदि की अत्यंत सहज प्रवाह से बढ़ने वाली मानवता पूर्ण कहानी भी आपको मिलेगी। ‘‘...‘झूठा सच’ हिन्दी उपन्यास साहित्य की अत्यंत श्रेष्ठ और प्रथम कोटि की रचना है। - आजकल, अक्टूबर, 1959






    • फुटनोट :- पुराने दिनों में जब नावेल पढ़ने का बहुत  उत्साह था एक दिन उन्नाव के गांधी पुस्तकालय में वहाँ  के संचालक " मास्टर जी " ने मुझे पढ़ने के लिए "झूठा सच " दिया।  घर ले भी गया पर पूरा पढ़ न सका  . कुछ इसी तरह  भीष्म शाहनी कृत " तमस " के साथ भी हुआ था।  
      इन दिनों आईएएस  में कोर्स में यह दोनों न होते हुए भी इससे जुड़े प्रश्न पूछे जा रहे है।  हर बार इन प्रश्नों को हल करना काफी कठिन रहता है। उक्त लेख इधर उधर से सामग्री ले कर जुटाया गया है कुछ और जरूरी लेखो को आगे लिखने की कोशिश करुगा। अगर आप कुछ इसमें जोड़ सके तो कमेंट में लिखिए।  थैंक्स।  




















      शनिवार, 14 नवंबर 2015

      Problems of Rural India

       ग्रामीण भारत की समस्याए  Problems  
      ·              
      ·        रोजगार  Employment के अवसर की कमी
      ·        संस्थागत स्वास्थ्य सुविधाओ की कमी
      ·        संस्थागत financial Service वित्त सेवाओ का आभाव
      ·        समान्य जागरूकता का आभाव जिसके चलते वह Government द्वारा चलाई जा रही Schemes का लाभ नही ले पाता है .  
      ·        Agriculture , अब लाभ का जरिया होकर मजबूरी
      ·        Technology  व् प्रयोगों से दूर वह आज भी परम्परागत ज्ञान और तकनीक के आधार पर जीविका चला रहा है .


       इन को दूर करने के लिए सरकार द्वारा किये गये उपाय

      ·        शिक्षा का अधिकार ( २००९ ) , जिसके चलते सभी को प्राथमिक शिक्षा निशुल्क उपलब्ध
      ·        काम का अधिकार यानि मनरेगा , इस योजना की तारीफ विश्व बैंक ने  भी की है , इससे गावो से नगरो की ओर पलायन कम हुआ है .
      ·        जन धन योजनाजिससे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिला है , लगभग १७ करोड़ लोगो के खाते खोले गये है . अब ग्रामीण अपनी बचत घर में रखने के बजाय बैंक में रख सकेगे . इस संदर्भ में पेमेंट बैंक , मुद्रा बैंक भी बहुत उपयोगी सिद्ध होंगे .

      ·        प्रधानमंत्री सिचाई योजना , इसमें सिचाई के साधनों का विकास किया जायेगा . गौरतलब है , भारत में बहुत से भागो में सिचाई के साधन अभी पयार्प्त नही है .





      सोमवार, 21 सितंबर 2015

      CALL TO ACTION

      कॉल टू एक्शन सम्मेलन(27-28 अगस्त 2015) यूनाइटेड नेशनल जनरल असेंबली के दौरान आयोजित होने वाली यूनाइटेड नेशन समिट टू अडॉप्ट दी पोस्ट 2015 डेवलपमेंट एजेंडा-2015 का प्रारम्भिक सम्मेलन था। इसका आयोजन दिल्ली में किया गया। भागीदार- 1.स्वास्थ्य एवम् परिवार कल्याण मंत्रालय( भारत सरकार) 2. स्वास्थ्य मंत्रालय(इथियोपिया सरकार) 3.यूनिसेफ 4.बिल और मेलिंडा गेट फाउंडेशन 5.टाटा ट्रस्ट 6.यूएसएआईडी इसका मुख्य उद्देश्य मातृत्व तथा शिशु मृत्यु दर को कम करना था। इसके लिए सभी राष्ट्रों के साथ भागीदारी को बढ़ाना, तकनीकों तथा प्रौधोगिकी का परस्पर एक दूसरे के साथ मिलकर प्रयोग करना। इसमें भारत ने सभी राष्ट्रों को सहयोग करने के लिए कहा है भारत इससे पहले अपनी टेक्नोलॉजी को सार्क राष्ट्रों के साथ भी साझा कर चुका है। सहस्र विकास से सतत विकास की तरफ एक बढ़ता कदम है। इस सम्बन्ध में भारत द्वारा चलाये गए कार्यक्रम- 1.मिशन इंद्रधनुष 2.कायाकल्प योजना 3.विशेष नवजात देखभाल यूनिट (special newborn care unit) 4.मातृत्व तथा शिशु स्वास्थ्य ट्रैकिंग सिस्टम 5. स्वच्छ भारत मिशन 6.जननी सुरक्षा योजना 7.राष्ट्रिय स्वास्थ्य मिशन सम्मेलन में प्रमुख समझौते- 1.कॉर्पोरेट भागेदारी 2.स्वास्थ्य वित पोषण 3.नवाचार 4. समाजिक दायित्व 5.पोषण 6.सफाई के क्षेत्र में विस्तृत चर्चा की गई।
      PART: 2 हरी सिगरेट वाला आदमी

      मंगलवार, 15 सितंबर 2015

      fort william college/ फोर्ट विलियम कॉलेज

      फोर्ट विलियम कॉलेज 

      • १८०० में लार्ड वेलेजली द्वारा स्थापित 
      • अंग्रेजो को INDIAN LANGUAGE  के ज्ञान पाने में सहायता हेतु 
      • प्रशासन , कानून , तथा खड़ी बोली के बारे में शिक्षा दी जाती थी। 
      • कर्मचारियों की नैतिक दशा सुधारना , देश की भाषा , रीति -रिवाज से परिचित करना , उन्हें ADMINISTRATION में कुशल बनाना इसका AIM  था 
      • कंपनी  भाषा नीति जोकि  फ़ारसी पर आधारित थी , अब हिंदी को IMPORTANCE देने लगी थी। 
      • १८२५ में विलियम प्राइस ( हिंदी विभाग के प्रमुख ) ने पहली बार हिंदी भाषा  को हिंदुस्तानी से अलग एक प्रमुख भाषा के तौर पर स्वीकारा।  
      • १८२६ में इससे जुड़े प. गंगा प्रसाद शुक्ल ने हिंदी भाषा का एक शब्दकोष तैयार किया।  
      • १८०७ में बाइबिल का हिंदी अनुवाद प्रकाशित हुआ।  
      • १९५४ में डलहौजी के समय इसे CLOSE कर दिया गया। 
      • उल्लेखनीय है कि हिंदी के प्रारंभिक विकास में , इस कॉलेज ने महती भूमिका निभाई।  
      • एकांतवास का महत्व 

      गुरुवार, 10 सितंबर 2015

      Payment Bank


      भुगतान बैंक भुगतान बैंक में बैंकिंग प्रणाली की सभी विशेषतायें नही होती।एक अधिकृत भुगतान बैंक केवल जमाये स्वीकार( केवल चालू खाता तथा बचत खाता)करता है तथा पैसे भेजने में मदद करता है। ये कभी भी उधार की सुविधा प्रदान नही करता है।इन बैंको की स्थापना भारत में वित्तीय समावेशन को बढ़ाने के लिए की गई है । इसका प्रमुख लक्ष्य स्थानांतरित श्रमिक तथा असंगठित समूह के कर्मचारियों छोटे व्यापारी तथा निम्न आय वाले लोग हैं। नचिकेत मोर कमेटी की अनुसंशाओं पर भुगतान बैंको की स्थापना का निर्णय लिया गया। नियम- 1.न्यूनतम पूंजी -100 करोड़ रुपए 2.प्रथम 5 वर्षों के लिए प्रवर्तकों का हिस्सा कम से कम 40% हो,10 वर्षो तक 30%तथा 12 वर्षों तक 26%हो 3.निजी बैंको पर लागू विदेशी प्रत्यक्ष निवेश से सम्बंधित नियम समान रूप से लागू 4.वोट के अधिकार का प्रयोग से सम्बंधित नियम आर बी आई द्वारा नियमित किये जाते है। 5. 5% से अधिक के किसी भी अधिग्रहण में आर बी आई की अनुमति अनिवार्य 6.डायरेक्टर की नियुक्ति आर बी आई के दिशा निर्देश के अनुसार की जायेगी। 7.ये बिल स्वीकार कर सकता है। 8. ये गैर बैंकिंग गतिविधियों के लिए सहायक कंपनी नही रख सकते। 9. भुगतान बैंकक ग्राहक से 1 लाख से अधिक जमा स्वीकार नही कर सकते। 10.इन्हें 'भुगतान बैंक' शब्द का प्रयोग करना अनिवार्य है ताकि ये अन्य बैंको से भिन्न प्रतीत हों। 11. बैंक डेबिट कार्ड जारी कर सकते है लेकिन क्रेडिट कार्ड नही। 12. भुगतान बैंक को सीआरआर तथा एसएलआर को बनाये रखना होता है अन्य सभी बैंको की तरह। 13. भुगतान बैंक किसी व्यापारिक बैंक के सहायक के रूप में हो सकते है

      दो शब्द आधी आबादी के नाम

      रविवार, 6 सितंबर 2015

      Act East Policy

      उत्तरपूर्वी भारत में बढ़ता स्थायित्व या
      भारत की एक्ट ईस्ट पालिसी

      पूर्वी क्षेत्र में बॉर्डर समस्याओं का हल करने में पिछले कुछ दिनों में भारतीय सरकार काफी हद तक सफल हुई है ,ये भारत की  ACT EAST POLICY के तहद भी देखा जा सकता है की पूर्वी क्षेत्र अब स्थायित्व की और बढ़ रहा है।

      सरकार द्वारा किये गए अहम प्रयास

      1. बांग्लादेश- 

      वास्तव में सदियों पहले कूचबिहारके राजा और रंगपुर के महाराजा जब शतरंज की बिसातें चलते थे तो दांव पर लगते थे - गांव। दोनों रियासतों के सैकड़ों गांव एक दूसरे की रियासत में मौजूद थे। फिर मुगलकाल में इन गांवों की सीमा को लेकर विवाद बना रहा। ऐसे 1713 विवादित क्षेत्र बने रहे। भारत (और पाकिस्तान) की स्वतंत्रता के बाद बंटवारा तो हुआ पर पूर्वी पाकिस्तान के कई इलाके भारत में और भारत के कई इलाके पूर्वी पाकिस्तान में बने रहे। यहीं से 'छिटमहल' या ENCLAVE  की समस्या शुरू हुई

      बांग्लादेश के साथ हुए LAND BOUNDARY AGREEMENT  के प्रभाव-
      1. अवैध आवाजाही तथा अवैध व्यापार पर रोक लगेगी
      2. इससे शरणार्थियों का मुद्दा हल होगा तथा दोनों देशों के लोगो में आत्मविश्वास बढेगा।
      साथ ही भारत का भी अन्य देशो के साथ सीमा संबधित मुद्दों को हल करने में CONFIDENCE  बढेगा तथा ये उदाहरण के रूप में प्रस्तुत होगा।
      3. ये परिवहन की समस्या का भी हल करने में  HELPFUL होगा। इससे उत्तर पूर्वी भारत में RAIL ,समुद्री तथा सड़क यात्रा कम खर्चीली तथा कम समय की होगी
      उदाहरण के लिए हल्दिया से चिटगॉन्ग पोर्ट तक की यात्रा चिकन नैक से सड़क यात्रा के बजाए काफी किफायती होगी।
      WILL POWER
      2. भूटान-बांग्लादेश-भारत-नेपाल कनेक्टिविटी एग्रीमेंट
               जून में हुए बैठक के अनुसार इस क्षेत्र में यात्रियों तथा माल की सुरक्षित आवाजाही के लिए सड़क मार्ग को दुरुस्त किया जायेगा जिससे सम्पूर्ण क्षेत्र के आर्थिक विकास में मदद मिलेगी तथा सद् भावना का विकास होगा।

      3. नागालैंड शांति समझौता

      नागालैंड का शांति समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ भारत अपने रिश्तों को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है। उधर का रास्ता पूर्वोत्तर से होकर गुजरता है, जो देश का सबसे संवेदनशील इलाका है।
      नेशनल सोशल काऊंसिल ऑफ नागालैंड(NSCN- IM) और सरकार के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर किया गया. माना जाता है कि इस अहम शांति समझौते के बाद नार्थ ईस्ट में हालात को काबू करने में सरकार को काफी हद तक सफलता मिलेगी. एनएससीएन (आईएम) नेता टी. मुइवा ने समझौते पर हस्ताक्षर के बाद कहा कि हम एक दूसरे को समझने, नये संबंध बनाने के लिए नजदीक आये हैं।

      4. त्रिपुरा से AFSPA का हटाना

      काफी लंबे समय से चले सिविल सोसाइटी तथा सरकार के मध्य इस संघर्ष में सिविल सोसाइटी की विजय हुई तथा इस ACT को हटाने में सफल रहे।

      5 भारत से थाईलैंड तक सड़क मार्ग-
      ये भी भारत सरकार की एक्ट ईस्ट पालिसी का ही एक हिस्सा है जिसमे सड़क मार्ग द्वारा भारत-म्यांमार-थाईलैंड को जोड़ा जायेगा। जो तीनो ही देशों की ECONOMY के लिए महत्वपूर्ण होगा तथा आपसे सौहार्द भी बढेगा ।

      SAVE MONEY EARLIER, ENJOY LIFE IN FUTURE

      मंगलवार, 1 सितंबर 2015

      ONE RANK ONE PENSION ( POINT WISE NOTES )

      एक रैंक एक पेंशन

      # अर्थ-
            *   एक रैंक एक पेंशन का मतलब अलग-अलग समय पर रिटायर हुए एक ही रैंक के  दो सैनिको को समान पेंशन देना

      *  बिना रिटायरमेंट की तिथि पर विचार किये।
      फ़िलहाल रिटायर होने वाले को रिटायरमेंट के समय जो नियम है उसी के अनुसार पेंशन मिलती है।
      *  मतलब ये हुआ की अगर कोई सैनिक 20-25 साल पहले समान रैंक से रिटायर हुआ है और जो आज रिटायर हुआ है उससे पहले  रिटायर होने वाले की पेंशन काफी कम होगी।

      # 1973 के समय तक एक रैंक एक पेंशन के आधार पर ही पेंशन दी जाती थी, जिससे ARMY में पेंशन अन्य सेवाओं से कही अधिक थी।

      * इसीलिए आर्मी में कार्यरत लोगो और अन्यसेवाओं में लगे लोगो को  समानता प्रदान करने के लिए 1973 में  इंदिरा गांधी की अध्यक्षता में तीसरे वेतन आयोग ने एक रैंक एक पेंशन की अवधारणा को समाप्त कर दिया।

      *1973 के बाद जब भी कोई रिटायर होगा उसे रिटायरमेंट की तिथि को जो नियम कानून होंगे उसके अनुसार ही पेंशन मिलेगी।

      * 2009 में फिर से एक रैंक एक पेंशन की अवधारणा को बल मिलने लगा।
      * 2010 में 10 सदस्यों वाली संसदीय पैनल का गठन हुआ जिसे कोशियारी समिति ( koshiyari committee )के नाम से भी जानते है। 
      * इस समिति ने  19 दिसंबर 2011 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसमे एक रैंक एक पेंशन का समर्थन किया।

      सैनिको का इसके समर्थन में तर्क है की जहाँ उनको 33 वर्ष की अवधि के बाद रिटायर कर दिया जाता है वही अन्य सेवा में लगे कर्मचारी जैसे सिविल सेवक आदि 55 से 60 साल तक वेतन प्राप्त करते है ।
      सैनिको की रिटायरमेंट के बाद की ज़िन्दगी पेंशन के सहारे ही चलानी है।

      *ये मुद्दा अभी इसलिए भी अभी बढ़ गया है क्योकि 2014 के लोकसभा चुनावो में इसे लगभग सभी बड़ी पार्टियो ने चुनावी मुद्दे के रूप में प्रयोग किया तक।

      * पेंशन का भुगतान की वास्तविक कीमत का पता करना थोडा कठिन है।
      सरकार ने जहाँ बजट 2015-16 में पेंशन के लिए 1000 करोड़ का अनुमान रखा है वहीँ इसका वास्तविक अनुमान 9000 करोड़ लगया जा रहा है। इस तरह से ये कहीं न कहीं राजकोषीय प्रबंधन पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा ।

      * एक अन्य नकारात्मक प्रभाव यह भी हो सकता है की इस मांग के पूरा होने से अन्य सेवाओं में लगे कर्मचारी भी ऐसी ही मांगे उठाना शुरू कर सकते है।

      * सैनिको पर इसका सकारात्मक प्रभाव होगा जो किसी भी देश के सैनिको के लिए बहुत आवश्यक है।

      * इससे सैनिको का मनोबल बढेगा ।

       चाणक्य जी ने कहा है-“ जिस देश के सैनिको को अपने अधिकारो के लिए स्वयं लड़ना पड़े इससे बड़ा उस देश का कोई दुर्भाग्य नही हो सकता ।"



      UPSC INTERVIEW

      ESSAY WRITING TIPS IN HINDI BY IRA SINGHAL , IAS TOPPER 2015

          इरा सिंघल  मैडम ने अपने IRA SINGHL BLOG पर जो टिप्स दिए है उनके आधार पर आपके लिए कुछ पॉइंट मैंने  हिंदी में तैयार किये है।  जैसा कि आप जानते है मैडम ने  ESSAY  में अंक बहुत ही अच्छे (160) रहे है।  उनके टिप्स को आधार बनाकर आपको तैयारी करने पर आपको भी निबंध में  अच्छे अंक मिल सकते है।  


      • टॉपिक के चयन बहुत समझदारी से करे . 
      • टॉपिक वही चुने जिस पर आप कई आयामों में लिख सकते है . 
      • दार्शनिक टाइप के टॉपिक में आपको ज्यादा लिखने के लिए कुछ नही होता है . 
      • इसलिए इस तरह के टॉपिक चुनने से बचे . 
      • निबंध में भाषा का काफी महत्व होता है। 
      • इसलिए किसी तरह के GRAMMER की गलती से बचे।  
      • सरल , सहज , जीवंत , प्रवाहमयी शब्दों के प्रयोग करे।  
      • SUBHEADING का पयोग कर सकते है , जैसा की उन्होंने  GAURAV AGRAWAL BLOG ( २०१४ के टॉपर ) से सीखा था 
      • महत्वपूर्ण बिंदु को अंडरलाइन करे।   
      • जहाँ जरूरत हो चित्र , आरेख बनाये।  

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