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बुधवार, 23 दिसंबर 2015

How to prepare ias mains paper two ?

Dear friends आज पेपर 2 की तैयारी की बात करते है ।

1   इस पेपर में Constitution का बड़ा भाग है । इसलिए आपको शासन प्रणाली के बारे में गहरी समझ होनी चाहिए ।

2   इसके लिए m laxmikant वाली बुक बहुत useful है ।

3  इससे कई सारे टॉपिक कवर हो जायेगे ।

4  इस पेपर में भारत के पड़ोसी देशो के साथ सम्बन्ध के बारे में पूछा गया है ।

5  यह topic cover करने के लिए आपको daily newspaper पढ़ना होगा ।

6  ज्यादा बेहतर होगा। आप beginning से ही self brief notes point wise notes बनाते चले ।

7  इस पेपर में अक्सर government policy act & amendment पूछे जाते रहे है । इसके लिए आप  policy research center / PRS की website पर visit कर सकते है ।

8  सिविल सेवा में इस पेपर में अक्सर सबसे कम नंबर दिए जाते रहे है । इसकी वजह इसकी जटिल प्रकति है ।

9  अपने answer में quality लाकर इस पेपर में भी अच्छे नंबर लाये जा सकते हैं ।

10 आप अपने answer में आर्टिकल अनुसूची  important case जैसे kesvananda bharti , मेनका गांधी केस का जिक्र कर अच्छा score कर सकते है ।

गुरुवार, 10 सितंबर 2015

Payment Bank


भुगतान बैंक भुगतान बैंक में बैंकिंग प्रणाली की सभी विशेषतायें नही होती।एक अधिकृत भुगतान बैंक केवल जमाये स्वीकार( केवल चालू खाता तथा बचत खाता)करता है तथा पैसे भेजने में मदद करता है। ये कभी भी उधार की सुविधा प्रदान नही करता है।इन बैंको की स्थापना भारत में वित्तीय समावेशन को बढ़ाने के लिए की गई है । इसका प्रमुख लक्ष्य स्थानांतरित श्रमिक तथा असंगठित समूह के कर्मचारियों छोटे व्यापारी तथा निम्न आय वाले लोग हैं। नचिकेत मोर कमेटी की अनुसंशाओं पर भुगतान बैंको की स्थापना का निर्णय लिया गया। नियम- 1.न्यूनतम पूंजी -100 करोड़ रुपए 2.प्रथम 5 वर्षों के लिए प्रवर्तकों का हिस्सा कम से कम 40% हो,10 वर्षो तक 30%तथा 12 वर्षों तक 26%हो 3.निजी बैंको पर लागू विदेशी प्रत्यक्ष निवेश से सम्बंधित नियम समान रूप से लागू 4.वोट के अधिकार का प्रयोग से सम्बंधित नियम आर बी आई द्वारा नियमित किये जाते है। 5. 5% से अधिक के किसी भी अधिग्रहण में आर बी आई की अनुमति अनिवार्य 6.डायरेक्टर की नियुक्ति आर बी आई के दिशा निर्देश के अनुसार की जायेगी। 7.ये बिल स्वीकार कर सकता है। 8. ये गैर बैंकिंग गतिविधियों के लिए सहायक कंपनी नही रख सकते। 9. भुगतान बैंकक ग्राहक से 1 लाख से अधिक जमा स्वीकार नही कर सकते। 10.इन्हें 'भुगतान बैंक' शब्द का प्रयोग करना अनिवार्य है ताकि ये अन्य बैंको से भिन्न प्रतीत हों। 11. बैंक डेबिट कार्ड जारी कर सकते है लेकिन क्रेडिट कार्ड नही। 12. भुगतान बैंक को सीआरआर तथा एसएलआर को बनाये रखना होता है अन्य सभी बैंको की तरह। 13. भुगतान बैंक किसी व्यापारिक बैंक के सहायक के रूप में हो सकते है

दो शब्द आधी आबादी के नाम

रविवार, 6 सितंबर 2015

Act East Policy

उत्तरपूर्वी भारत में बढ़ता स्थायित्व या
भारत की एक्ट ईस्ट पालिसी

पूर्वी क्षेत्र में बॉर्डर समस्याओं का हल करने में पिछले कुछ दिनों में भारतीय सरकार काफी हद तक सफल हुई है ,ये भारत की  ACT EAST POLICY के तहद भी देखा जा सकता है की पूर्वी क्षेत्र अब स्थायित्व की और बढ़ रहा है।

सरकार द्वारा किये गए अहम प्रयास

1. बांग्लादेश- 

वास्तव में सदियों पहले कूचबिहारके राजा और रंगपुर के महाराजा जब शतरंज की बिसातें चलते थे तो दांव पर लगते थे - गांव। दोनों रियासतों के सैकड़ों गांव एक दूसरे की रियासत में मौजूद थे। फिर मुगलकाल में इन गांवों की सीमा को लेकर विवाद बना रहा। ऐसे 1713 विवादित क्षेत्र बने रहे। भारत (और पाकिस्तान) की स्वतंत्रता के बाद बंटवारा तो हुआ पर पूर्वी पाकिस्तान के कई इलाके भारत में और भारत के कई इलाके पूर्वी पाकिस्तान में बने रहे। यहीं से 'छिटमहल' या ENCLAVE  की समस्या शुरू हुई

बांग्लादेश के साथ हुए LAND BOUNDARY AGREEMENT  के प्रभाव-
1. अवैध आवाजाही तथा अवैध व्यापार पर रोक लगेगी
2. इससे शरणार्थियों का मुद्दा हल होगा तथा दोनों देशों के लोगो में आत्मविश्वास बढेगा।
साथ ही भारत का भी अन्य देशो के साथ सीमा संबधित मुद्दों को हल करने में CONFIDENCE  बढेगा तथा ये उदाहरण के रूप में प्रस्तुत होगा।
3. ये परिवहन की समस्या का भी हल करने में  HELPFUL होगा। इससे उत्तर पूर्वी भारत में RAIL ,समुद्री तथा सड़क यात्रा कम खर्चीली तथा कम समय की होगी
उदाहरण के लिए हल्दिया से चिटगॉन्ग पोर्ट तक की यात्रा चिकन नैक से सड़क यात्रा के बजाए काफी किफायती होगी।
WILL POWER
2. भूटान-बांग्लादेश-भारत-नेपाल कनेक्टिविटी एग्रीमेंट
         जून में हुए बैठक के अनुसार इस क्षेत्र में यात्रियों तथा माल की सुरक्षित आवाजाही के लिए सड़क मार्ग को दुरुस्त किया जायेगा जिससे सम्पूर्ण क्षेत्र के आर्थिक विकास में मदद मिलेगी तथा सद् भावना का विकास होगा।

3. नागालैंड शांति समझौता

नागालैंड का शांति समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ भारत अपने रिश्तों को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है। उधर का रास्ता पूर्वोत्तर से होकर गुजरता है, जो देश का सबसे संवेदनशील इलाका है।
नेशनल सोशल काऊंसिल ऑफ नागालैंड(NSCN- IM) और सरकार के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर किया गया. माना जाता है कि इस अहम शांति समझौते के बाद नार्थ ईस्ट में हालात को काबू करने में सरकार को काफी हद तक सफलता मिलेगी. एनएससीएन (आईएम) नेता टी. मुइवा ने समझौते पर हस्ताक्षर के बाद कहा कि हम एक दूसरे को समझने, नये संबंध बनाने के लिए नजदीक आये हैं।

4. त्रिपुरा से AFSPA का हटाना

काफी लंबे समय से चले सिविल सोसाइटी तथा सरकार के मध्य इस संघर्ष में सिविल सोसाइटी की विजय हुई तथा इस ACT को हटाने में सफल रहे।

5 भारत से थाईलैंड तक सड़क मार्ग-
ये भी भारत सरकार की एक्ट ईस्ट पालिसी का ही एक हिस्सा है जिसमे सड़क मार्ग द्वारा भारत-म्यांमार-थाईलैंड को जोड़ा जायेगा। जो तीनो ही देशों की ECONOMY के लिए महत्वपूर्ण होगा तथा आपसे सौहार्द भी बढेगा ।

SAVE MONEY EARLIER, ENJOY LIFE IN FUTURE

मंगलवार, 1 सितंबर 2015

ONE RANK ONE PENSION ( POINT WISE NOTES )

एक रैंक एक पेंशन

# अर्थ-
      *   एक रैंक एक पेंशन का मतलब अलग-अलग समय पर रिटायर हुए एक ही रैंक के  दो सैनिको को समान पेंशन देना

*  बिना रिटायरमेंट की तिथि पर विचार किये।
फ़िलहाल रिटायर होने वाले को रिटायरमेंट के समय जो नियम है उसी के अनुसार पेंशन मिलती है।
*  मतलब ये हुआ की अगर कोई सैनिक 20-25 साल पहले समान रैंक से रिटायर हुआ है और जो आज रिटायर हुआ है उससे पहले  रिटायर होने वाले की पेंशन काफी कम होगी।

# 1973 के समय तक एक रैंक एक पेंशन के आधार पर ही पेंशन दी जाती थी, जिससे ARMY में पेंशन अन्य सेवाओं से कही अधिक थी।

* इसीलिए आर्मी में कार्यरत लोगो और अन्यसेवाओं में लगे लोगो को  समानता प्रदान करने के लिए 1973 में  इंदिरा गांधी की अध्यक्षता में तीसरे वेतन आयोग ने एक रैंक एक पेंशन की अवधारणा को समाप्त कर दिया।

*1973 के बाद जब भी कोई रिटायर होगा उसे रिटायरमेंट की तिथि को जो नियम कानून होंगे उसके अनुसार ही पेंशन मिलेगी।

* 2009 में फिर से एक रैंक एक पेंशन की अवधारणा को बल मिलने लगा।
* 2010 में 10 सदस्यों वाली संसदीय पैनल का गठन हुआ जिसे कोशियारी समिति ( koshiyari committee )के नाम से भी जानते है। 
* इस समिति ने  19 दिसंबर 2011 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसमे एक रैंक एक पेंशन का समर्थन किया।

सैनिको का इसके समर्थन में तर्क है की जहाँ उनको 33 वर्ष की अवधि के बाद रिटायर कर दिया जाता है वही अन्य सेवा में लगे कर्मचारी जैसे सिविल सेवक आदि 55 से 60 साल तक वेतन प्राप्त करते है ।
सैनिको की रिटायरमेंट के बाद की ज़िन्दगी पेंशन के सहारे ही चलानी है।

*ये मुद्दा अभी इसलिए भी अभी बढ़ गया है क्योकि 2014 के लोकसभा चुनावो में इसे लगभग सभी बड़ी पार्टियो ने चुनावी मुद्दे के रूप में प्रयोग किया तक।

* पेंशन का भुगतान की वास्तविक कीमत का पता करना थोडा कठिन है।
सरकार ने जहाँ बजट 2015-16 में पेंशन के लिए 1000 करोड़ का अनुमान रखा है वहीँ इसका वास्तविक अनुमान 9000 करोड़ लगया जा रहा है। इस तरह से ये कहीं न कहीं राजकोषीय प्रबंधन पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा ।

* एक अन्य नकारात्मक प्रभाव यह भी हो सकता है की इस मांग के पूरा होने से अन्य सेवाओं में लगे कर्मचारी भी ऐसी ही मांगे उठाना शुरू कर सकते है।

* सैनिको पर इसका सकारात्मक प्रभाव होगा जो किसी भी देश के सैनिको के लिए बहुत आवश्यक है।

* इससे सैनिको का मनोबल बढेगा ।

 चाणक्य जी ने कहा है-“ जिस देश के सैनिको को अपने अधिकारो के लिए स्वयं लड़ना पड़े इससे बड़ा उस देश का कोई दुर्भाग्य नही हो सकता ।"



UPSC INTERVIEW

शुक्रवार, 14 अगस्त 2015

Part of Indian Constitution in Hindi


भारतीय संविधान के प्रमुख भाग

भाग  1 : संघ और उसका राज्य क्षेत्र
भाग  2 :  नागरिकता
भाग 3: मौलिक अधिकार
भाग 4: नीति निर्देशक तत्व
भाग 5: संघ
भाग 6: राज्य
भाग 7 :  लोप कर दिया गया
भाग 8: संघ राज्य क्षेत्र
भाग 9: पंचायतें
भाग 10: अनुसूचित और जनजाति  क्षेत्र
भाग 11: संघ और राज्य के बीच सम्बन्ध
भाग 12: वित्त , संपत्ति , संविदाएं और वाद
भाग 13: भारत के राज्य के भीतर व्यापार , वाणिज्य और समागम
भाग 14: संघ और राज्य के अधीन सेवाएं
भाग 15: निर्वाचन
भाग 16:  अनु. जाति , जनजाति तथा पिछड़ा वर्ग एवं आंग्ल भारतीय के सम्बन्ध में विशेष उपबंध
भाग 17: राजभाषा
भाग  18: आपात उपबंध
भाग 19:  प्रकीर्ण
भाग 20: संविधान संशोधन
भाग 21: अस्थायी , सक्रमणशील और विशेष उपबंध
भाग 22: संक्षिप्त नाम , प्रारम्भ , हिंदी में प्राधिकृत पाठ और निरसन




एक कहानी
















सोमवार, 10 अगस्त 2015

Directive principles of state policy in hindi


                 राज्य के नीति निर्देशक तत्व , किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में पूछे जाने के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है।  यह संविधान के भाग -४ में ( आर्टिकल ३६-५१ )वर्णित है। आयरलैंड से लिए गए है।


३६ : राज्य की परिभाषा
३७ : इन तत्वों का न्यायालय द्वारा लागू  न होना।
३८  : राज्य लोक कल्याण के लिए नियम बनायेगा जिससे नागरिको को सामाजिक , आर्थिक और राजनीतिक न्याय मिल सकेगा।
३९ : समान न्याय और निशुल्क विधिक सहायता , समान कार्य के लिए समान वेतन
३९ ख : सार्वजानिक धन के स्वामित्व  और नियंत्रण
३९ ग : धन का समान वितरण
४० : ग्राम पंचायतो का गठन
४१ : कुछ दशाओं में काम , शिक्षा और लोक सहायता पाने का अधिकार
४२ : काम की न्यायसंगत और मानवोचित दशाओं का तथा प्रसूति सहायता का उपबंध
४३ : कर्मकारों के मजदूरी तथा कुटीर उद्योग को प्रोत्साहन
४४ : नागरिकों के लिए एक समान सिविल सहिता
४५ : बालकों  के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का उपबंध
४६ : अनुसूचित जाति , जनजाति और अन्य दुर्बल वर्गों के शिक्षा और अर्थ संबंधी  हितों को बढ़ाना
४७ : पोषाहार स्तर , जीवन स्तर को उठाना तथा लोक स्वास्थ का सुधार करने का राज्य का कर्तव्य।
४८ : कृषि तथा पशुपालन का संगठन
४८ क :  पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन और वन , वन्य जीवों  की रक्षा।
४९ : राष्टीय महत्व के स्मारकों , स्थानों और वस्तुओं  का संरक्षण।
५० : कार्यपालिका और न्यायपालिका का पृथक्करण।
५१ : अंतर्राष्टीय शांति और सुरक्षा को बढ़ाना।    


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