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गुरुवार, 4 मई 2017

Knowledge economy vs. Remittances economy

For essay

भारत एक नॉलेज पॉवर होने के साथ ही रेमिटेंस इकॉनमी है । भारत की अर्थव्यवस्था में विदेश से आने वाले धन की मात्रा विश्व में सर्वाधिक है । पश्चिम एशिया में तनाव, खनिज तेल के गिरते दाम के चलते , रिमिटेन्स में काफी गिरावट आई है । भारत को अमेरिका में H 1 visa isuue
के साथ साथ पश्चिम एशिया के देश में रहने वाले मजदूरों की प्रॉब्लम पर विशेष ध्यान देना होगा । इस विषय में यह उल्लेखनीय होगा कि मध्य एशिया के प्रवाशी भारतीय , अमेरिका में काम करने वाले लोगों से ज्ञान व् धन में कमजोर है , इसलिए भारत सरकार को inko prathmikta deni hogi.

गुरुवार, 23 मार्च 2017

IMPACT OF SOCIAL MEDIA ON YOUTHS : HINDI ME



सोशल मीडिया का युवा पर प्रभाव


अगर आज के समय को गति का युग कहे तो गलत न होगा। हर चीज में गति है। सोशल मीडिया ने पुरे विश्व को बदल कर रख दिया है। कहते है आवाज में एक ताकत होती है।  सोशल मीडिया के माध्यम से युवा तक हर चीज की पहुँच सुनिश्चित हुयी है ।

सोमवार, 16 जनवरी 2017

Short essay

जागरूकता

जब तक आप सामान्य आदमी की तरह जीवन जीते है तब तक कोई फर्क नही पड़ता पर जैसे ही आप गहन अध्ययन, मनन व् चिंतन करने लगते है तो आप को बहुत चीजे विचलित करने लगती है। जब आप महसूस करते है कि राजनीति, व्यापारी, मीडिया व शासन के मध्य एक अदृश्य समझौता है तब आप को बड़ी कोफ्त होती है । आज 2017 में भी भारत की बड़ी आबादी निरक्षर है विशेषकर महिला । ऐसे में जब तक हम पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य नही पा लेते तब तक चीजों में विशेष बदलाव नही देखेगे । विडंबना ही है कि आज भी देश में चुनाव में जाति, धर्म , धन का बोल बाला है ।

गुरुवार, 22 दिसंबर 2016

A question from my IAS interview 2015




      2015 के आईएएस  इंटरव्यू जोकि मई 2016 था , में मुझसे एक सदस्य ने पूछा कि इन दिनों ग्रामीण लोग किस चीज पर सबसे ज्यादा पैसा खर्च कर  रहे है। मैंने कहा  " खेती में " क्योंकि इन दिनों  निवेश लागत काफी बढ़ गयी है। बात मेरी सही थी पर वो सदस्य संतुष्ट न लगे।  उन्होंने ने जबाब दिया कि  स्वास्थ्य पर। 


बाद में मैंने कई जगह इस बारे में पढ़ा वो वाकई सही कह रहे थे।  अभी हाल  में ही मैंने कही  पढ़ा  कि हर साल जितने आदमी , गरीबी से बाहर  निकलते है उसके आधे फिर से गरीबी में पहुच जाते है क्योंकि उनका हेल्थ पर खर्च , उनकी आय से कई गुना ज्यादा होता है। वैसे भी आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति शुद्ध पेयजल , पोषण युक्त  भोजन तथा स्वच्छ परिवेश के आभाव में जल्द बीमार पड़ जाता है या यूँ कहे कि उसके बीमार होने का अनुपात ज्यादा होता है।  

ऐसे में इस समस्या के निपटने के लिए बहुआयामी कदम उठाये जाने चाहिए।  एक और स्वास्थ्य सेवाओं तक सबकी पहुँच आसानी से होनी चाहिए दूसरी ओर सरकार की ओर से चलाई जा रही स्कीम्स का उचित क्रियान्वयन , सटीक निगरानी के साथ साथ इनसे जुड़े अधिकारियों की जबाबदेही भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस दिशा में विश्व स्वास्थ संगठन द्वारा चलाये जा रहे सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज कार्यक्रम की भी उपयोगिता साबित होगी।  

अपने पढ़ा होगा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है उसको आने वाले वर्षो में डेमोग्राफिक डिविडेंड यानी जनसंख्या लाभांश प्राप्त होगा। ऐसे में भारत की बड़ी आबादी द्वारा स्वास्थ पर बढ़ता खर्च , इस दिशा में भारत के सपनों को चूर कर सकता है। पर्याप्त आय के आभाव में ग्रामीण परिवार शिक्षा पर ज्यादा खर्च भी नही कर  पाएंगे इसलिए ग्रामीण क्षेत्र के लिए वैकल्पिक रोजगार का भी बड़ी मात्रा में सृजन  किया जाना चाहिए। इसके लिए सरकार द्वारा रुबन मिशन चलाया जा रहा है जिसमे क्लस्टर आधारित विकास पर जोर दिया गया है।  

( दोस्तों , इस तरह के लेख , एक प्रकार से निबंध के लिए मेरी प्रैक्टिस है जो किसी भी विचार पर छोटे छोटे लेख के रूप में लिखने की कोशिस करता हूँ।  आप इन पर अपनी अमूल्य राय , समीक्षा जरूर दीजियेगा।  थैंक्स। ) 

By  - आशीष कुमार 


गुरुवार, 23 जून 2016

thought/ lines for essay writing


एक निबंध की रूप रेखा -

कभी कभी बहुत अच्छी चीजे पढ़ने को मिल जाती है जिनको पढ़कर मन ,बहुत  दूर तक सोचने लगता है.  मैंने हाल  में कुछ बहुत  ही अच्छी बात पढ़ी।   

" सारा विश्व पानी  की प्रॉब्लम से जूझ रहा है और हमे पता है कि  सिंचाई  में पानी  की जरूरत बहुत  ज्यादा होती है।  भारत में कुछ क्रॉप्स , बहुत  ज्यादा पानी  खपत करती है।  जैसे धान , गन्ना।  हम इनके जुड़े उत्पाद बाहर भी भेजते है।  चीन अपने यहां पर ऐसी फसलों को ज्यादा महत्व दे रहा है जो पानी की सिमित खपत करती है।  ज्यादा पानी वाली फसले , वह बाहर से आयात कर लेता है।  

ऐसे में भारत को भी दूर की सोचते हुये , अपने पानी के सिमित भंडार को सुरक्षित रखने के लिए विचार करना चाहिए. पिछले २ सालो से भारत में सूखा पड़ रहा है। जिसके चलते भारत के बड़ा हिस्सा , सूखे से जूझ रहा है।  अगर बात महाराष्ट्र की करें तो एक और लातूर में रेल से पानी भेजना पड़ता है तो दूसरी तरह वह गन्ने का बड़ा उत्पादक है।  इस राज्य में पानी की कमी नहीं है कमी है उचित प्रबंधन की।  

आने वाले समय में ऐसा कहा  जा रहा है की पानी के लिए विश्व युद्ध हो सकता है। भारत की अवस्थिति बहुत अच्छी है।  इसके चलते भारत में वर्षा काफी मात्रा में होती है।  वर्षा के जल को संरक्षित किया जाना चाहिए।  


मंगलवार, 26 अप्रैल 2016

quotes in hindi for essay writings


निबंध में अच्छे अंक लाने के लिए जरूरी है कि उसमे रोचकता और सरसता का मिश्रण हो.........आज से कुछ लाइन्स या दोहे देने की कोशिश करता हूँ.......उनकी यथासंभव व्याख्या भी कुरूगा ....अपने नोट्स में इन्हें कॉपी करते चले.....
आज शुरुआत अदम गोंडवी जी के सुपरिचित दोहे/ शेर से........
‪#‎निबंध‬ के लिए -1
" तुम्हारी फाइलो में गाँव का मौसम गुलाबी है .
                              मगर ये दावा झूठा और ये आकंडे किताबी है....."  अदम गोंडवी 

इसका मतलब बहुत साफ है.....इसमें नौकरशाही , सरकार की निष्क्रियता पर व्यंग्य किया है... 
जब भी निबंध में ऐसा कुछ लगे आप अपनी भावनायो को इन लाइन्स से व्यक्त करिये.........



‪#‎निबंध‬ के लिए -२
" क्या क्या बनाने आये थे क्या क्या बना बैठे 
कही मंदिर तो कही मस्जिद बना बैठे 
अरे हमसे अच्छे तो ये परिंदे है 
जो कभी मंदिर पर जा बैठे .. कभी मस्जिद पर जा बैठे " 
( अज्ञात )

बहुत अच्छी लाइन्स है जिनका मैंने बहुत बार प्रयोग किया है पर यह निश्चित नही है कि इसके किसने लिखा . अगर कोई जानता हो तो कृपया बताने का कष्ट करे.....
साम्प्रदायिकता पर जुड़े निबंध में इसे सही जगह फिट करिये..और अच्छे अंक पाईये........


‪#‎निबंध‬ के लिए -3
" झील पर पानी  बरसता है हमारे देश में 
                           खेत पानी को तरसता है हमारे देश में "   बल्ली सिंह  चीमा 

उक्त पंक्तियां बहुत  ही उपयोगी है और इनका लगभग हर तरह के निबंध में प्रयोग किया जा सकता है।  इन लाइन्स में यह कहने की कोसिश  की जा रही है कि  जहां जरूरत नहीं है वहां पर सेवा उपलब्ध है पर जहां सबसे ज्यादा जरूरत है वहां पर कोई सेवा उपलब्ध नहीं है।  जैसे आईपीएल मैच के लिए ६० लाख लीटर पानी  खर्च किया जा सकता है पर प्यास से मर रहे लोगो के लिए किसी को कोई सहानुभूति नहीं।  

                                                                ‪#‎निबंध‬ के लिए -4 
                                     " गिरिजन , हरिजन भूखो मरते , हम डोले वन वन में 
                                           तुम रेशम की साड़ी पहने उड़ती फिरो गगन में " 
                                                                                      ( जनकवि नागार्जुन ) 

यह लाइन्स इंदिरा गांधी पर व्यंग्य की गई थी।  जब बाढ़  पीड़ित लोगो को देखने नेता लोग हवाई दौरे करते है उस समय यह लाइन्स बहुत  याद आती है।  जैसे अभी हॉल  में महाराष्ट में एक महिला नेत्री ने सूखा पीड़ित दौरे पर अपने सेल्फी खींचते पाई गई थी। कुछ इस तरह की भूमिका में उक्त लाइन्स आपके व्यंग्य को धार  देंगी 


      ‪#‎निबंध‬ के लिए -5 
                                                 काजू भुने प्लेट पर , व्हिस्की गिलास में 
                                                 देखो उतरा राम राज विधायक निवास में  
                                                                                                    अदम गोंडवी                                      इन लाइन्स का मतलब भी बहुत  साफ है। जन प्रतिनिधो की समाज के प्रति असंवेदनशीलता , दोहरे चरित्र को दिखलाती इन लाइन्स में बहुत  गहरा वयंग्य किया गया है।  

एक बात और जब आपको इस तरह लाइन डालनी हो आप लिखये " प्रसंगवश यह पंक्तियाँ याद आती है.........."


( मेरे पास इस तरह की 200  से अधिक लाइन्स का कलेक्शन है जिसे मै समय मिलने पर पोस्ट करता रहूंगा।  पाठक भी कमेंट में इस तरह की लाइन्स लिख कर सहयोग करे.......आप लाइन्स दीजिये ...व्यख्या मै कर दूंगा........thanks )

रविवार, 17 अप्रैल 2016

how to write a good essay ?

FRIENDS , WRITING ESSAY IS ESSENTIAL PART OF EVERY EXAM. HE WHO SCORE GOOD IN ESSAY , HAVE GREAT CHANCE FOR NOT ONLY SELECTION BUT ALSO TO BE IN TOPPER LIST. 

HERE SOME BASIC TIPS FOR YOU . YOU CAN READ MANY OTHER TIPS BY CLICKING LINK IN LAST. 

  1. निबंध लेखन एक कला है जो आप में लम्बे अभ्यास से विकसित होती है।  
  2. इसके लिए आपके पास व्यापक विचार , अच्छी शब्दावली और शानदार शैली होनी चाहिए।  
  3. अच्छे विचार आपके पास दो तरीके  से आ सकते है - आप अच्छी - अच्छी किताबें पढ़े और आपको जो कुछ भी अच्छा लगे उसे अपने पास नोट करते चले।  
  4. अगर आपके पास अच्छे शब्दों का आभाव होगा तो भी आप चाह  कर  अपने विचारों को अभिव्यक्त नहीं पर पाएंगे।  
  5. शैली आपके व्यक्त्वि पर निर्भर करती है अगर आप की समझ अच्छी है और अपनी बातों  तो सही और सुलझे तरीके  से कहना जानते है तो आपकी लेखन शैली भी सहज होगी।  
  6. अक्सर निबंध लिखते समय हम क्रमबद्धता खो बैठते है - इसलिए सबसे पहले अपने सभी विचारों को लिखे। आउटलाइन बना ले कि पहले क्या लिखना है और बाद में क्या लिखना है।  
  7. शुरुआत किसी रोचक वाकये से करिये।  
  8. अगर आप किताबी निबंध लिखते है या यह कहु  कि  आप निबध  की तैयारी  किसी बुक से पढ़ कर  करते है तो बहुत  संभव है आप बहुत  अच्छा स्कोर न कर  पाए।  
  9. निबंध में प्रवाह होना चाहिए।  
  10. रोचकता बनी रहे इसलिए बीच बीच  में दोहे , सूक्ति, बोध वाक्य  आदि डालते रहे।   

मंगलवार, 1 सितंबर 2015

ESSAY WRITING TIPS IN HINDI BY IRA SINGHAL , IAS TOPPER 2015

    इरा सिंघल  मैडम ने अपने IRA SINGHL BLOG पर जो टिप्स दिए है उनके आधार पर आपके लिए कुछ पॉइंट मैंने  हिंदी में तैयार किये है।  जैसा कि आप जानते है मैडम ने  ESSAY  में अंक बहुत ही अच्छे (160) रहे है।  उनके टिप्स को आधार बनाकर आपको तैयारी करने पर आपको भी निबंध में  अच्छे अंक मिल सकते है।  


  • टॉपिक के चयन बहुत समझदारी से करे . 
  • टॉपिक वही चुने जिस पर आप कई आयामों में लिख सकते है . 
  • दार्शनिक टाइप के टॉपिक में आपको ज्यादा लिखने के लिए कुछ नही होता है . 
  • इसलिए इस तरह के टॉपिक चुनने से बचे . 
  • निबंध में भाषा का काफी महत्व होता है। 
  • इसलिए किसी तरह के GRAMMER की गलती से बचे।  
  • सरल , सहज , जीवंत , प्रवाहमयी शब्दों के प्रयोग करे।  
  • SUBHEADING का पयोग कर सकते है , जैसा की उन्होंने  GAURAV AGRAWAL BLOG ( २०१४ के टॉपर ) से सीखा था 
  • महत्वपूर्ण बिंदु को अंडरलाइन करे।   
  • जहाँ जरूरत हो चित्र , आरेख बनाये।  

सोमवार, 19 मई 2014

विषय : भाग्य साहसी का साथ देता है (दूसरा और अंतिम भाग )

विषय : भाग्य साहसी का साथ देता है (दूसरा और अंतिम भाग )

History में ऐसे बहुत से उदाहरण मिल जायेगे जिसमें साहसी नायको की अप्रत्याशित जीत हुई। उनके साथ मिथक जुड़ गया कि उनमें दैवीय गुण है। उनका भाग्य बहुत अच्छा है। Napoleon bonaparte का जीवन ऐसे बहुत से उदाहरणों से भरा है। उसकी सेना को अपराजेय माना जाता था। नेपोलियन कहता था कि Impossible नामक शब्द उसे शब्दकोष में नही है। नेपोलियन के समकालीनों ने उसे बहुत भाग्यशाली माना था पर क्या सच में ऐसा था। वह तो बहुत ही साधारण परिवार में पैदा हुआ था। शिक्षा -दीक्षा भी बहुत साधारण हुई थी तो फिर ये कहना कहाँ उचित है कि वो बहुत भाग्यशाली था। वास्तव में नेपोलियन को जब भी अवसर मिला उसने साहस के साथ निर्णय लिया। अपनी क्षमता -योग्यता को साबित किया। उसकी निर्भीकता ने ही उसको अप्रत्याशित सफलताये दिलायी। इस प्रकार देखा जा सकता है कि Luck भी साहसी व्यक्ति का ही साथ देता है। 

इस संसार में विविध विचारो वाले लोग रहते है। कुछ लोग हमेशा अपने संसाधनो का रोना रोते रहते है। उन्हें हर चीज से शिकायत रहती है। उन्हें अफ़सोस होता है कि काश वो किसी दौलतमंद के यहाँ पैदा होते , जीवन की सभी सुख सविधाओं का उपभोग करते। यह कितनी ख़राब सोच है। वो भूल जाते है कि सभी दौलतमंद भी कभी सामान्य आदमी थे। उन्होंने या उनके पूर्वजो ने अथक परिश्रम से ये मुकाम हासिल किया है। वैसे भी हमारे शास्त्रो में कहा गया है कि धन (लक्ष्मी) भी कर्म न करने वालो का साथ छोड़ जाती है। ऐसे लोग बहुत जल्दी भाग्य जैसी चीजो पर यकीन करने लगते है। तरह तरह के कर्मकांड , पूजा , मनौती , आदि के माध्यम से अपना समय बदलने का प्रयास करते है। अनपढ़ो कि बात छोड़ दीजिए , ऐसा करने वाले आपको उच्च शिक्षित ज्यादा मिल जायगे।
पर आप इस बारे में कभी सोचा है कि वास्तव में ये सब करने से कैसे समय बदल सकता है। यह world गतिमान है यहाँ पर हर घटना के पीछे कोई न कोई कारण होता है। ऊपर जिनका मैंने जिक्र किया है क्या वो reason हो सकते है। नही कदापि नही। 
हर सफल व्यक्ति के कहानी के मूल में एक ही कारण होता है। उसने सही Direction में लगातार प्रयास किया। सफलता असफलता से परे उसने सिर्फ कर्म पर जोर दिया। इसलिए ऐसा भी कहा गया है कि मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता खुद होता है। जिम रो के अनुसार किताबी शिक्षा आपको जीविका दे सकती है पर स्व शिक्षा आपको बताएगी कि भाग्य वास्तव में क्या होता है। आप क्या सीखते है कैसे सीखते है इस पर बहुत कुछ निर्भर करता है। आप का नजरिया ही आपके भाग्य का निर्माण करता है। हमे हमेशा चीजो को सकारात्मक तौर पर देखना चाहिए। 
लुइस पैस्टर के अनुसार भाग्य केवल सक्रिय दिमाग का साथ देता है। इसका मतलब है कि हमे हमेशा सक्रिय रहना चाहिए। अवसरो के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। आप हमेशा से सुनते आ रहे है कि अवसर एक बार आपके दरवाजे पर दस्तक देता है। तो क्या आप अपने अवसर की उसकी प्रतीक्षा करेगे कि कब वह आपके दरवाजे पर दस्तक दे और आप उस अवसर का लाभ उठाये। नही मित्र नही आज के समय के अनुसार बी. सी. फोर्ब्स का कथन याद रखना चाहिए “ अवसर शायद ही कभी आपके दरवाजे पर दस्तक दे। आप खुद अवसर के दरवाजे पर दस्तक दे कर प्रवेश कर जाईये। आज का समय चुनौतियों से भरा है। अवसर कम , प्रतिभागी ज्यादा। ऐसे में आप को दुसरो से बेहतर तरीके से अपने आप को प्रस्तुत करना होगा। 
नेपोलियन हिल के अनुसार सभी प्रकार के भाग्य का शुरुवाती बिंदु विचार होते है। सच में विचारों की Energy जिसने पहचान ली उसका समय बदलते देर नही लगती है। वास्तव में हम वैसा ही बनते है जैसे हमारे विचार होते है। अपने विचारों को सदा सकारात्मक रखिये। मन में हमेशा खुशी महसूस कीजिये। यही Life का फलसफा है। अपने लक्ष्य के बारे में हर पल सोचते रहे। अपने संसाधनो की कमी का रोना रोने के बजाय , यह सोचे कि आप अपना सर्वोतम , best कैसे दे सकते है। अपने वो पंक्तियाँ तो सुनी ही होगी पंखो से कुछ नही होता है हौसलों से उड़ान होती है। 
थामस फुलर के अनुसार एक बुद्धिमान व्यक्ति अवसर को एक अच्छे भाग्य में बदल देता है। इसलिए यह सोचना कि मेरा भाग्य खराब है, उचित नही है। ऐसी सोच लेकर आप अपना कीमती समय नष्ट न करें। स्वंय को मिले अवसरो को सफलता में बदल दीजिये। सफलता को अपनी आदत बना लीजिये। हमारे आस पास ऐसे कई लोग होते है जो सदैव सफल होते है। क्या आप ने इस बारे में विचार किया है कि उनकी सफलता का secret क्या है ? आप उनसे बात करे उनका Answer निश्चित ही यही होगा कि उनके मन में डर नाम कि कोई चीज नही है। 
वर्जिल के अनुसार डर कमजोर दिमाग की निशानी है इसलिए अपने दिमाग से डर को हमेशा के लिए निकल देना चाहिए। डर के चलते ही शंका का जन्म होता है। शंका व्यक्ति के मन में कमजोरी लाती है। धीरे धीरे व्यक्ति की सोच नकारात्मक हो जाती है। ऐसे में उसका असफल होना स्वाभाविक है। लगातार असफलता व्यक्ति के साहस को खत्म कर देती है और जैसे ही साहस ने साथ छोड़ा , भाग्य भी आप का साथ छोड़ जाता है।
Friends इस लिए अपनी असफलताओ को भूल कर नये सिरे से पयास करे । Geeta की शिक्षा फल की इच्छा छोड़ कर कर्म करने पर यकीन करते रहे । धीरे धीरे आपका भी समय बदलेगा। जीवन में आये अवसरों को पहचाने , साहस के साथ निर्णय ले। अपने निर्णय पर अडिग रहे। आप भी एक दिन कह उठेगे कि भाग्य साहसी का ही साथ देता है।

मंगलवार, 29 अप्रैल 2014

विषय : भाग्य साहसी का साथ देता है (पहला भाग )

विषय : भाग्य साहसी का साथ देता है   (पहला भाग )
                       


प्राचीन यूनानी कवि वर्जिल ने उस समय के युवाओ को सम्बोधित करते हुए लिखा था कि  fortune favors the brave. भाग्य को किसी निश्चित रूप में परिभाषित करना कठिन है।  यदि कोई लगातार सफल होता है तो कहा  जाता है कि  वह किस्मत का धनी है।  उसका luck अच्छा है जहाँ सफलता की सम्भावना न्यूनतम हो पर सफलता मिल जाय तो भाग्य को श्रेय दिया जाता है।  वास्तव में जो सफल होता है उसे पता होता है कि भाग्य जैसी कोई चीज नही थी।  उससे जुड़े लोग होते है जो व्यक्ति की मेहनत , उसके साहस को श्रेय देने के बजाय व्यक्ति के भाग्य पर जोर देने लगते है।
    इस संसार में दो तरह के लोग होते है जो success  को कुछ निश्चित गुणों पर आधारित मानते है।  दूसरे वो है जो सफलता भाग्य आधारित मानते हैं।  देखा जाय तो असफल आदमी ही भाग्य पर अधिक जोर देते है। वास्तव में भाग्य जैसी कोई चीज होती ही नही है। यह सबकुछ साहस ही होता है जो व्यक्ति को लगातार सफलता दिलाता है।  जिसके भीतर साहस है व्यक्ति सफल है।  साहसी व्यक्ति चुनौती स्वीकार करता है।  निर्भीकता से हर तरह की कठनाईयों पर विजय पाता है।  साहसी व्यक्ति काटों भरे पथ पर चलने के लिए तत्पर रहता है।  डर  क्या होता है वह नही जानता है। ऐसे व्यक्ति ही भाग्यवान कहलाते है।
     मुहम्म्द अली ने courage  के बारे में लिखा है जो व्यक्ति जीवन में ज्यादा खतरे नही उठता  है वो एक साधारण जिंदगी जीने से ज्यादा कुछ नही कर सकता है। अली के इस कथन में बहुत मतलब का तत्व छुपा है। अगर आप ने जीवन में साहस नही दिखाया तो निश्चित है आप कुछ भी उल्लेखनीय नही कर सकते है।  साहस एक ऐसा मानवीय गुण है जो व्यक्ति की सफलता की  संभावना  को बड़ी मात्रा में बढ़ा देता है।  साहसी व्यक्ति के mind में हिचक नही होती है।  उसे निर्णय लेने में असमंजस का सामना नही करना पड़ता है।  एक बार जो निर्णय ले लेता है उस पर अडिग रहता है भले ही कितनी कठनाईयों का सामना क्यों ही न करना पड़े।
हम प्रायः किसी विचार को फलक पर उतारने से पहले ही अन्य लोग क्या कहेगे , कही कोई हँस न दे जैसे कारणो के चलते ही अपना मनोबल कम कर लेते है।  वास्तव में लीक तोडना , परम्परागत नियमो की अवहेलना करके अपना खुद का रास्ता बनाना आसान कर्म नही है।  साहसी लोग ही  result के बारे में विचार किये बगैर कर्म में लीन रहते है। साहसी व्यक्ति में असफलता का ख्याल आता ही नही है। वह अपनी सम्पूर्ण क्षमता , energy   अपने लक्ष्य को पाने में लगा देते है।  वास्तव में सफलता के लिए मानसिक तौर पर मजबूत होना बहुत जरूरी है।  मानसिक मजबूती , व्यक्ति को लक्ष्य के लिए हमेशा motivate करती रहती है।

मंगलवार, 18 मार्च 2014

Essay on success in Hindi (3)

विषयः- सफलता योग्यता निर्भीकता और साहस से मिलती है। (तीसरा और अंतिम  भाग )
                                      आशीष कुमार


सफलता के इन महत्वपूर्ण गुणों  के साथ साथ व्यक्ति में लगातार जूझने की क्षमता होनी चाहियें। परिस्थितियाॅ कैसी भी क्यों न हो सदैव हैासला बनाये रखना चाहिये। इसके बाद भी यदि असफलता मिलती है तो आचार्य श्री राम शर्मा के कथन पर विचार करना चाहिये। वे कहते हैं कि असफलता बताती है कि कार्य पूरे मन से नहीं किया गया है। प्रत्येक व्यक्ति अपनी कमजोरियों से वाकिफ रहता है। ऐसा नहीे है कि विजेता के अन्दर कोई कमजोरी नही होती है। विजेता निरतंतर अपनी कमजोरियों पर विजय पाने का प्रयास करता रहता है।
इस संदर्भ में शिव खेड़ा का कथन याद आता है कि विजेता कोई अलग इंसान नही होते है वरन् उनके काम करने का तरीके अलग होते है। यह आप पर निर्भर करता है कि आप लीक से हटकर कितना सोच सकते है। इन बातो का ख्याल रखें आप निश्चय ही सफलता का वरण करेंगे।
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उक्त विवेचना से स्पष्ट है कि सफलता के लिये आपकी पृष्ठभूमि , आपके संसाधन कतई मायने नहीं रखते हैं। पृष्ठभूमि एवं संसाधन की बात इसलिये कर रहा हूॅ क्योकि असफल व्यक्ति का इन बिन्दुओं पर जोर सर्वप्रथम रहता है कि उसकी पृष्ठभूमि कमजोर थी उसके पास संसाधन नहीं थे। वास्तव में सफलता में पृष्ठभूमि और संसाधन की भूमिका अति सीमित होती हैं। सफलता तो योग्यता, निर्भीकता और साहस से मिलती है।

STORY OF YO YO HONEY SINGH IN HINDI
First time in restaurant
how to prepare gk for one day exam like ssc , bank , railway etc.

रविवार, 16 मार्च 2014

Essay on success in Hindi (2)

विषयः- सफलता योग्यता निर्भीकता और साहस से मिलती है। (दूसरा भाग )
                                      आशीष कुमार

विषय पर आगे बढ़ने से पूर्व सफलता के लिये आवश्यक तीनों गुणों का विश्लेषण कर लिया जाय।सफलता के सबसे पहला गुण है-योग्यता। व्यक्ति को अपनी योग्यता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित करने चाहिये। यदि आपके लक्ष्य बहुत बडे़ हैं तो निश्चित तौर पर आपको उसी अनुरूप अपनी योग्यता का दायरा बढ़ाना होगा। इस बात ख्याल हमेशा रखना होगा कि योग्यता के अभाव में लक्ष्य भले ही कितना आकर्षक,सुंदर क्यों न हो असफलता से दो चार होना तय है।
सफलता के लिये दूसरा अपेक्षित गुण है निर्भीकता। निर्भीकता का तात्पर्य भय रहित होने से है किसी विद्वान ने क्या खूब कहा है कि यदि आपको लगता है कि आप हार जायेगें तो निश्चित तौर आप हार जायेगें। सच तो यह है कि सफलता व्यक्ति की सोच पर निर्भर करती है। एक निर्भीक व्यक्ति की सोच कभी नकारात्मक नही होती है। भय से रहित मन में संशय नहीे होता है। वह सिर्फ सफलता के बारे में सोचता है उसे असफलता का भय नहीें सताता है इसी से वह सफलता के आवश्यक कर्म पूरे मन से कर पाता है।
सफलता के लिये तीसरी अपेक्षा व्यक्ति के साहसी होने की है। साहस के अभाव में तो पवनपुत्र हनुमान भी संशयग्रस्त थे। जामवंत ने जब उन्हें उनकी शक्ति की याद दिलाई यह कहते हुये कि का चुप साधि रहा बलवाना  तभी वह समुद्र को पार कर सके। सच्चा साहसी व्यक्ति कभी निराश नहीं होता है। साहस के चलते व्यक्ति अप्रत्याशित सफलतायें पा सकता है। वास्तव में साहसी व्यक्ति ही महत्वाकांक्षी लक्ष्यों का निर्धारण करता है। वह सफल हो पायेगा कि नहीं ऐसे विचार उसके मन में कभी नहीं आतें हैं। सिविल सेवा में सफल टापर्स के साक्षात्कार में इसकी पुष्टि होती है। बहुत ही सामान्य पृष्ठभूमि के टापर्स ने स्वीकारा कि उनकी सफलता में साहस की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही है।

Essay on success in Hindi (1)

विषयः- सफलता योग्यता निर्भीकता और साहस से मिलती है।
                                      आशीष कुमार

स्वामी रामतीर्थ ने सफलता का सूत्र बताते हुये बड़ी अच्छी बात कही है वे कहते हैं कि अपने आपको योग्य बना लो सफलता स्वयंमेव तुम्हारे पास आ जायेगी। विडम्बना है कि आज का मनुष्य सफलता की घोर आकांक्षा रखता है पर योग्यता को जरा भी महत्व नहीं देता है।
इतिहास के किसी भी काल पर नजर डाले तो कोई भी सफल विजेता/शासक में तीन गुण निश्चित तौर पर मिलेंगे । वह योग्य होगा निर्भीक होगा और उसमें साहस कूट कूटकर भरा होगा। वास्तव में सफलता इन्हीें तीन गुणों पर निर्भर करती है। इतिहास में कितनी ही घटनाओं में मिलता है कि मुठ्ठी भर सेना नें हजारों लाखों की सेना पर विजय पायी। वास्तव में भले ही ऐसी सेना भले ही संख्या में कम थी पर उनमें साहस की कमी न थी। उनके सेनानायक निर्भीक थे।
वास्तव में सफलता का मूलमंत्र इन्हीं तीन गुणों पर आधारित है। यह देश काल से परे हैं। अतीत में भी इनका महत्व था। वर्तमान में भी है और भविष्य में भी सफलता इन्हीं गुणों पर निर्भर करेगी।
आज के प्रतिस्पर्धा भरे युग मे सफलता चंद लोगों को ही मिल पाती ज्यादातर व्यक्ति असफल हो जाते हैं। ऐसे असफल अपनी कमियों पर घ्यान न देकर अपनी असफलता का दोष दूसरे पर मढ़ देते हैं। (यह निबंध कुछ दिनों पहले एक पत्रिका के लिए लिखा था कुछ बड़ा है इसलिए तीन भागो में पोस्ट करुगा। सभी मित्रो को होली की हार्दिक शुभकामनाये )

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