शुक्रवार, 27 मई 2016

Difference between law and morality



विधि और नैतिकता में विभेद



विधि और नैतिकता समाज के लगभग सभी क्षेत्रों में पाए जाते हैं। विधि और नैतिकता अक्सर एक साथ मिलकर नागरिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और जनता के कल्याण की रक्षा करने के लिए किये गए प्रयासों में समन्वय सुनिश्चित करने का काम करते हैं। कई अलग-अलग संस्थाएँ नैतिकता के नियमों के उल्लंघनों के लिए उपचारात्मक कार्रवाइ करती है जैसे खाप पंचायत आदि। कुछ उदाहरणों में, विधि नैतिकता, सिद्धांतों या नैतिकता के आधार पर स्थापित की जाती है। विधि की स्थापना के लिए भी एक न्यूनतम स्तर का नैतिक व्यवहार अपेक्षित होता है।

1.नैतिकता आचरण के नियम हैं। 
विधि सरकारों द्वारा अपने नागरिकों को सुरक्षा और समाज में संतुलन प्रदान करने के लिए विकसित किये गए नियम हैं। 
2. नैतिकता लोगो में क्या सही और क्या गलत है की जागरूकता से आती है। विधि अपने लोगों के लिए सरकारों द्वारा लागू किया जाता हैं। 3.नैतिकता के उल्लंघन पर कोई सजा नहीं है।
विधि के उल्लंघन पर सजा हो सकती है। 
4.नैतिकता एक व्यक्ति की नैतिक मूल्यों से आती है।
विधि नैतिकता के साथ एक मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में लागू किया जाता हैं।

गुरुवार, 26 मई 2016

Social Values vs. Economic Values


प्रश्न । सामाजिक मूल्य, आर्थिक मूल्यों की अपेक्षा अधिक महत्वपूर्ण है राष्ट्र की समावेशी संवृद्धि के सन्दर्भ में इस कथन की चर्चा करें।

उत्तर -


1. सामाजिक मूल्यों से तात्पर्य ऐसे मूल्यों से है जो मनुष्य के सामाजिक जीवन से जुड़े हो जैसे- ईमानदारी, तटस्थता, समानुभूति, उत्तरदायित्व,निष्पक्षता, सहनशीलता, दया, देशभक्ति, न्याय आदि।
आर्थिक मूल्यों का अर्थ उन मूल्यों या सिंद्धान्तो से है जो किसी भी अर्थव्यवस्था में आर्थिक गतिविधियों के लिए आवश्यक है, जैसे- उद्यमिता, व्यवसाय नीतिशास्त्र, कमाई, लागत-लाभ विश्लेषण आदि।
2. समावेशी विकास के लिए आवश्यक तत्व
क. असमानता की समाप्ति
ख. पर्याप्त स्वतंत्रता
ग. राज्य के नागरिकों के लिए जीवन तथा स्वास्थ्य की सुरक्षा तथा अन्य बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करना।
3.सामाजिक मूल्यों से सभी में निष्पक्षता तथा उत्तरदायित्व की भावना रहेगी जो आर्थिक वृद्धि को बढ़ाएगी, क्योकि प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्य का पालन निष्पक्षता से करेगा। जब सभी को ये पता होगा की उनके परिश्रम का परिणाम उन्हें अवश्य मिलेगा तो मनुष्य देश के विकास में भागीदार अवश्य बनेगा।
4. सभी व्यवसायी, बड़े उद्योग घराने आदि सामाजिक मूल्यों के आधार पर ही अपने समाज के प्रति उत्तरदायित्वों का वहन करते हुए स्कूल, हॉस्पिटल, अन्य गैर लाभ संस्थाओं का संचालन करते हैं।
5.देशभक्ति, प्रेम, समानुभूति के कारण क्षेत्रों, राज्यों के बीच असमानता को समाप्त किया जा सकता है तथा किसी भी विवाद या दंगे को प्रेम, सहनशीलता जैसे सामाजिक मूल्यों द्वारा बड़ी सरलता से सुलझाया जा सकता है।
अतः यह कहना उचित होगा की समावेशी संवृद्धि के लिए सामाजिक मूल्य भी उतने ही आवश्यक है जितने की आर्थिक मूल्य

बुधवार, 25 मई 2016

Environmental Ethics


पर्यावरणीय नैतिकता
1. पर्यावरणीय नैतिकता , नैतिकता का ही एक अंग है जो मनुष्य तथा पर्यावरण के मध्य सम्बन्ध को प्रदर्शित करती है। इसके अनुसार मनुष्य एक ऐसे समाज का हिस्सा है जिसमे मानव जाति के साथ सभी प्राणी , जीव जन्तु तथा पेड़ पौधे भी शामिल है। यह मानवीय मूल्यों तथा नैतिक सिद्धान्तों के आधार पर इनमे सम्बन्ध स्थापित करने का प्रयास है तथा मानव को इसके पर्यावरण के प्रति उसकी जवाबदेही को दर्शाया जाता है।
2. पर्यावरणीय नैतिकता का अध्यनन आवश्यक है क्योकि पेड़- पौधे पर्यावरण के महत्वपूर्ण भाग है, साथ ही ये मनुष्य के जीवन का भी अहम हिस्सा है। अतः मनुष्य की यह जिम्मेदारी की उनका संरक्षण करे।
मनुष्य को कोशिश करना चाहिए उसके कार्यों से पर्यावरण, जीव- जन्तु, पेड़-पौधे किसी भी प्रकार से खतरे में न आये। मनुष्य अगर उनका उपयोग करता है तो उनकी सुरक्षा उसकी नैतिक जिम्मेदारी भी है।
3. इसके अध्यनन से मनुष्य द्वारा पर्यावरणीय संसाधनों के विवेकतापूर्ण प्रयोग को सुनिश्चित किया जा सके।मनुष्यों में उनकी भंडार क्षमता तथा उनकी उपयोगिता के बारे में भी जागरूक किया जा सके।
4. पर्यावरणीय नैतिकता से सम्बंधित कुछ मुद्दे- जल प्रदूषण के कारण पौधों में प्रकाश संश्लेषण की दर में कमी आती है तथा कुछ पौधों की प्रजातियां तक समाप्ति की कगार तक पहुंच जाती है।
वायु प्रदूषण के कारण अम्लवर्षा होती है जो पेड़ो को नष्ट कर देती साथ ही झीलों और तालाबों के जल को दूषित कर यहाँ की जीव-जंतुओं को भी प्रभावित करती है।वहां की इमारतों को भी क्षति पहुंचाती है।
ओज़ोन परत में छेद जो मानवीय कारकों की ही देन है जिससे न केवल पौधे और प्राणी प्रभावित होते है साथ ही इसका प्रभाव मनुष्य पर भी होता है।

मंगलवार, 24 मई 2016

Tax to GDP ratio

टैक्स टू जीडीपी अनुपात
1. किसी भी सरकार द्वारा संगृहीत किये गए कर को उसी वर्ष के सकल घरेलू उत्पाद से विभाजित करने से प्राप्त अनुपात ।
2. भारत का टेक्स टू जीडीपी अनुपात बहुत ही असंतोजनक रहा है 1950-51 में 6% था और 2013-14 में ये बढ़कर केवल 16.6% रहा। भारत जी-20 देशों में सबसे कम टैक्स टू जीडीपी वाले देशों में शामिल है।
3. जिस तरह से आय बढ़ी है उस तरह से करदाताओं की संख्या में वृद्धि नही हुई है। भारत में मत देने वाले नागरिकों का लगभग केवल 4% ही करदाता है, जिस कारण सरकार को अप्रत्यक्ष कर पर ही निर्भर रहना पड़ता है जो की गरीबों पर भी असर डालता है।
4.सरकार द्वारा बड़ी कंपनियों को दी जाने वाली छूट तथा कंपनियों द्वारा कर तंत्र की कमियों के लाभ उठाने से , सरकार कॉरपोरेट टैक्स का एक बड़ा हिस्सा गवा देती है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों पर टैक्स दर निजी क्षेत्र से अधिक होती है। जिस कारण कंपनी प्रभावी टैक्स दर को भी कम या प्रभावित भी कर सकते है।
5. प्रभावी टैक्स दर - एक निगम के लिए प्रभावी कर दर वह औसत दर है जिस पर उसका पूर्व मुनाफा कर योग्य हो । किसी व्यक्ति की प्रभावी कर की दर की गणना कुल कर व्यय को कर योग्य आय द्वारा विभाजित करके की जाती है।

रविवार, 15 मई 2016

Common civil code


समान नागरिक संहिता को अभिनियमित करने से रोकने वाले कारक-


1.कट्टर धार्मिकता तथा रूढ़िवादिता- नागरिकों में शिक्षा तथा जागरूकता
अभाव, जिस कारण वे समान नागरिक संहिता का विरोध करते है।
2. राजनीतिक इच्छा शक्ति की कमी- राजनेता अपना वोट बैंक बनाये रखने के
लिए कोई भी कड़ा कदम उठाने से हिचकिचाते है।
3. समान नागरिक सहिंता भारत के नीति निर्देशक तत्वों में वर्णित है अतः
इसे किसी कोर्ट द्वारा लागू नही किया जा सकता, इसे लागू करने के लिए आदेश
संसद द्वारा ही जारी किया जा सकता है।
4. भारतीय संविधान के भाग 3 में वर्णित मौलिक अधिकारों में धर्म की
स्वतंत्रता प्रदान की गई है अगर नागरिक स्वयं से लागू नही करना चाहते तो
इसे उनके मौलिक अधिकारों के हनन के रूप में भी प्रतिबिंबित किया जा सकता
है।
वहीं समान नागरिक संहिता द्वारा अल्पसंख्यकों के लिए भी समान कानून लागू
किये जायेगे जो की सविंधान में मौलिक अधिकारो में अल्पसंख्यकों को दिए
अधिकारो का हनन होगा। राज्य अल्पसंख्यकों के निजी मामलों में तभी
हस्तक्षेप कर सकता है जब स्वयं अल्पसंख्यक इसमें बदलाव चाहते हो।
5.धर्मनिरपेक्षता भारत के सविंधान की मूल संरचना है और राज्य से ये
अपेक्षा की जाती है की वह धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप न करे।
6. निष्कर्षत भारत में समान नागरिक सहिंता लागू करने के लिए पहले नागरिको
को शिक्षित , जागरूक करना, उनमे सामजिक भेदभाव को कम करना, उनकी आर्थिक
स्थिति में समानता लाना, विभिन्न सामजिक कार्यक्रमों के माध्यम से जनमत
तैयार करना , अल्पसंख्यकों के मन से डर को समाप्त कर उन्हें सुरक्षित
महसूस करना होगा ताकि उन्हें ये न लगे की उनके अधिकारों का हनन किया जा
रहा है ।एक स्वच्छ राजनीतिक पहल की भी आवश्यकता है।
किसी पर भी समान नागरिक सहिंता थोपी नही जा सकती अतः माहौल ऐसा बनाया
जाये की सभी नागरिक स्वतः ही इसे स्वीकार करें।

शुक्रवार, 6 मई 2016

Reason for success

सफलता की वजह
मै घूम फिर कर चिन्तक जी पर ही आ जाता हूँ....क्या करू उनके जैसे बहुत कम ही लोग है....उनकी जुबान में जादू है .. बड़े से बड़ा प्रेरक वक्ता भी वह जादू मुझ पर वो असर नही डाल सकता है जो उनकी बात में मुझे मिल जाता था...
एक शाम हॉस्टल में ( भागीदारी भवन ) में उनके पास बैठा था उन्होंने यह बात पूछी की नौकरी क्यों पाना चाहते हो.. मैंने कहा पैसे मिलेंगे ..आराम रहती है..आदि 
वो बोले आज से एक नयी नजर से सोचो ..सोचो अगर तुम सरकारी नौकरी पा जाते हो तो तुम्हारे पिता को कितनी इज्जत मिलेगी... माता पिता ..आपके पैसे कभी नही चाहते है ..वो चाहते है कि आप की वजह से उन्हें सम्मान मिले..

मेरे दिमाग में यह बात बैठ गयी .. पिता जी उच्च शिक्षित थे..पर बेरोजगार..सारा जीवन संघर्ष में कटा था.. ३ बेटे थे पर उम्मीद किसी से नही थी.. बहुत ज्यादा नकारात्मक सोचते थे... 
उस रोज चिंतक जी की बात मुझे हर वक्त याद रही...मुझे अपने पिता को रेस्पेक्ट दिलानी है....गावं में इस बात की बहुत चर्चा रहती है कि अमुक का बेटा क्या करता है...

यकीन मानिये...जैसे मुझे सेंट्रल गवर्नमेंट में जॉब मिली.. पिता जी को गाव में अपने आप महत्व मिलने लगा...जैसे जैसे सफलता बड़ी होती गयी..पिता जी को बहुत खुशी मिलने लगी.. गाव में इस बात की मिसाल दी जाने लगी कि उनको देखो ..बेटो को पढ़ाने में उम्र निकल गयी पर..अब कितना अच्छा return मिला है..पिता जी की असमय ही २०१० में मौत हो गयी..पर उनके आज तीनो ही बेटे जॉब में है ..और बड़ी जॉब के लिए जुटे है...
दोस्तों... आप भी आज से इस तरह से सोचे कि अगर आप सारा टाइम भले पिता - माता की सेवा न कर सके हो पर उन्हें ऐसी सफलता दे कि दुनिया गर्व से कहे .वो आपके माता पिता है... और इस प्रेरणा के लिए चिंतक जी के आभारी जरुर रहियेगा....यह उनका ही कांसेप्ट है.......

मंगलवार, 3 मई 2016

Funny Hindi Story : Shodhk Ji





वैसे आप शोधक जी के बारे में पहले भी पढ़ चुके है पर उस समय उनका नाम मैंने नही बताया था . पुराने पाठकों को याद होगा एक बार मै इलहाबाद गया था तो एक दोस्त के पास ठहरा था . वह दोस्त सारी रात महेश वर्णवाल वाली भूगोल की किताब पढ़ते रहे थे . याद आया ...

तो वही  मित्र है शोधक जी . इनसे भी अपनी मुलाकात भागीदारी भवन में हुयी थी . जब पहली बार इनसे मिला तो कुछ खास नही दिखा मुझे . शोधक जी कुछ ज्यादा ही सावले थे और हमारी सामान्य सी फितरत होती है कि अक्सर हम गौर वर्ण को स्मार्ट और चतुर समझते है . मेरी एक आदत है जो शायद बुरी है पर मै उसे बहुत अच्छी मानता हूँ वो है चीजो को हलके में लेना .
Funny  Hindi  Story  by  ias ki preparation hindi me
शोधक जी को भी हल्के में ले लिया फिर क्या था शोधक जी अपने विराट व्यक्तित्व से मुझ जैसे मूढ़ बालक से परिचय करवाया . वो इतिहास विषय में इलहाबाद विश्विद्यालय के topper थे . फिर उन्होंने मुझसे कुछ प्रश्न इतिहास के पूछे - जैसे गाँधी जी को जिस रिवाल्वर से मारा गया उसका कोड क्या था ? गाँधी जी किस जहाज से गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने गये थे ? गाधी जी ने कब से लंगोटी पहनना शुरु किया ( आशय यह कि कब से एक कपड़े पर रहने लगे ) .

जिस दिन मुझसे यह प्रश्न पूछे गये उसी दिन मै समझ गया कि यह गुरु जी भी अपने काम के आदमी है . आपको पता ही है 16 - 17 की आयु से मेरी कुछ चीजे प्रकाशित होने लगी थी . सोचा और गुरु जी मजाक मजाक में कह भी दिया एक दिन आप पर मै कहानी लिखुगा और सारी दुनिया आपको पढ़ेगी .

इतिहास में बहुत से वाद चलते है यथा - मार्क्सवाद , राष्टवाद ,साम्राज्यवाद . इसी को ध्यान में रखते हुए मैंने गुरु जी से कहा आप ने एक नये दृष्टिकोण से इतिहास को पढ़ा है इसलिए आपको लंगोटीवाद का प्रणेता घोषित करता हूँ . और जब तक मै भागीदारी भवन में रहा गुरु जी को लंगोटीवाद के नाम पर परेशान करता रहा . 

अगर आप को कभी लंगोटीवाद के बारे में पूछा जाये तो आप भी समझ लीजिए और समझा दीजियेगा . लंगोतिवाद वाद का सरल शब्दों में आशय यह है कि इतिहास को बहुत बारीकी से पढना खासतौर पर तथ्यों पर बहुत ज्यादा जोर देना . इसे शोधक जी ने विकसित किया है . 



( Dear readers hope u like this post .  Keep reading . In future you will read more post on Shodhk ji . ) 


गुरुवार, 28 अप्रैल 2016

upsc 2016 notice


  • हर साल मुझे बहुत  लोग मेल करते है कि  आईएएस  का एग्जाम कब होगा , उसकी नोटिस कब आएगी। 
  • इस साल के लिए नोटिस आ गई है।  इस लिंक पर जाकर आप देख सकते है। 
  •  http://www.upsc.gov.in/
  • 27  मई 2016  तक आप फॉर्म भर सकते है।  
  • 7  अगस्त 2016 को  pre  एग्जाम होगा।  
  • पिछले साल जैसा ही सब कुछ है कोई बदलाव नहीं हुआ है।  
  • बाकि चीजे आप upsc की साइट पर जाकर देख सकते है। 

मंगलवार, 26 अप्रैल 2016

quotes in hindi for essay writings


निबंध में अच्छे अंक लाने के लिए जरूरी है कि उसमे रोचकता और सरसता का मिश्रण हो.........आज से कुछ लाइन्स या दोहे देने की कोशिश करता हूँ.......उनकी यथासंभव व्याख्या भी कुरूगा ....अपने नोट्स में इन्हें कॉपी करते चले.....
आज शुरुआत अदम गोंडवी जी के सुपरिचित दोहे/ शेर से........
‪#‎निबंध‬ के लिए -1
" तुम्हारी फाइलो में गाँव का मौसम गुलाबी है .
                              मगर ये दावा झूठा और ये आकंडे किताबी है....."  अदम गोंडवी 

इसका मतलब बहुत साफ है.....इसमें नौकरशाही , सरकार की निष्क्रियता पर व्यंग्य किया है... 
जब भी निबंध में ऐसा कुछ लगे आप अपनी भावनायो को इन लाइन्स से व्यक्त करिये.........



‪#‎निबंध‬ के लिए -२
" क्या क्या बनाने आये थे क्या क्या बना बैठे 
कही मंदिर तो कही मस्जिद बना बैठे 
अरे हमसे अच्छे तो ये परिंदे है 
जो कभी मंदिर पर जा बैठे .. कभी मस्जिद पर जा बैठे " 
( अज्ञात )

बहुत अच्छी लाइन्स है जिनका मैंने बहुत बार प्रयोग किया है पर यह निश्चित नही है कि इसके किसने लिखा . अगर कोई जानता हो तो कृपया बताने का कष्ट करे.....
साम्प्रदायिकता पर जुड़े निबंध में इसे सही जगह फिट करिये..और अच्छे अंक पाईये........


‪#‎निबंध‬ के लिए -3
" झील पर पानी  बरसता है हमारे देश में 
                           खेत पानी को तरसता है हमारे देश में "   बल्ली सिंह  चीमा 

उक्त पंक्तियां बहुत  ही उपयोगी है और इनका लगभग हर तरह के निबंध में प्रयोग किया जा सकता है।  इन लाइन्स में यह कहने की कोसिश  की जा रही है कि  जहां जरूरत नहीं है वहां पर सेवा उपलब्ध है पर जहां सबसे ज्यादा जरूरत है वहां पर कोई सेवा उपलब्ध नहीं है।  जैसे आईपीएल मैच के लिए ६० लाख लीटर पानी  खर्च किया जा सकता है पर प्यास से मर रहे लोगो के लिए किसी को कोई सहानुभूति नहीं।  

                                                                ‪#‎निबंध‬ के लिए -4 
                                     " गिरिजन , हरिजन भूखो मरते , हम डोले वन वन में 
                                           तुम रेशम की साड़ी पहने उड़ती फिरो गगन में " 
                                                                                      ( जनकवि नागार्जुन ) 

यह लाइन्स इंदिरा गांधी पर व्यंग्य की गई थी।  जब बाढ़  पीड़ित लोगो को देखने नेता लोग हवाई दौरे करते है उस समय यह लाइन्स बहुत  याद आती है।  जैसे अभी हॉल  में महाराष्ट में एक महिला नेत्री ने सूखा पीड़ित दौरे पर अपने सेल्फी खींचते पाई गई थी। कुछ इस तरह की भूमिका में उक्त लाइन्स आपके व्यंग्य को धार  देंगी 


      ‪#‎निबंध‬ के लिए -5 
                                                 काजू भुने प्लेट पर , व्हिस्की गिलास में 
                                                 देखो उतरा राम राज विधायक निवास में  
                                                                                                    अदम गोंडवी                                      इन लाइन्स का मतलब भी बहुत  साफ है। जन प्रतिनिधो की समाज के प्रति असंवेदनशीलता , दोहरे चरित्र को दिखलाती इन लाइन्स में बहुत  गहरा वयंग्य किया गया है।  

एक बात और जब आपको इस तरह लाइन डालनी हो आप लिखये " प्रसंगवश यह पंक्तियाँ याद आती है.........."


( मेरे पास इस तरह की 200  से अधिक लाइन्स का कलेक्शन है जिसे मै समय मिलने पर पोस्ट करता रहूंगा।  पाठक भी कमेंट में इस तरह की लाइन्स लिख कर सहयोग करे.......आप लाइन्स दीजिये ...व्यख्या मै कर दूंगा........thanks )

गुरुवार, 21 अप्रैल 2016

HOW TO SCORE GOOD IN YOUR OPTINAL SUBJECT



दोस्तों , आज एक मित्र ने सुबह मुझे message किया कि कुछ वैकल्पिक विषय के लिए टिप्स दू . वो uppcs का मैन्स लिखा था . मुझे जहाँ तक सुनने में आया है कि uppcs में इस बार बहुत कम नंबर मिले है . इस पोस्ट को लिखने से पहले ही बता दू uppcs या और कोई स्टेट का एग्जाम हो उसकी मार्किंग पैटर्न का कोई भरोसा नही है . 

  1.  optional subject में अच्छा स्कोर आये इसके लिए यह बहुत जरूरी है कि आप उस विषय में पूरी दक्षता रखते हो . 
  2. आपके पास कुछ न कुछ नया होना चाहिए . आप यह भी कह सकते है कि कुछ सब्जेक्ट का कोर्स तो हमेशा एक रहता है तो नया क्या लिखा जाय. मेरा कहने का मतलब है आपकी प्रस्तुति , अन्य लोगो से अलग होनी चाहिए . 
  3. इसके लिए आपको  BASIC BOOKS  पर ध्यान देना चाहिए . अक्सर लोग इस जगह मात खा जाते है .  HOW TO SCORE GOOD  IN YOUR  OPTIONAL  SUBJECT  BY  IAS KI PREPARATION HINDI ME
  4.  COACHING  के  NOTES भले कितने ही अच्छे और शार्ट क्यू न हो उनको पढ़ कर आप ज्यादा उम्मीद न करे क्यू कि सभी वही पढ़ते है और एक जैसा ही लिखते है . 
  5. विषय में मास्टर बनने की कोशिस करे . हर पहलू पर विचार करे . 
  6. हर रोज उस पर लिखने का अभ्यास करे . 
  7. सभी टॉपिक कवर करे . सिलेक्टेड पढने से भी आप कमजोर रह जाते है . 
  8.  मेरे विचार में विषय कोई भी आपको उसको टॉपिक वाइज  कम से कम ५ दफे पढना ही चाहिए . 
  9.  मैंने यह भी सुना है uppcs में कुछ सब्जेक्ट काफी अच्छा स्कोर देते है . यह एक फालतू की बकवास सी है . आप देखा देखी अगर अपने सब्जेक्ट बदल देते है तो समझ लीजिये आप गर्त में गये . 
  10. जो भी चुने उसको हमेशा के लिए चुने . तभी आप मास्टर बन पायेगे . कुछ वक्त भले लगे पर जब आपकी सब्जेक्ट पर कमांड होगी आपका स्कोर भी लाजबाब होगा . 
  11.  Try to write answer everyday based on old year papers. 
  12.  Be a master in language . No matter you are from Hindi medium or English medium , just become expert. 
  13. If you have opportunity , try to check you answer by your seniors , mentor , teacher. ( you can send me on my email- ashunao@gmail.com or your can post your answer in comment. ) 
  14. Try to get IGNOU material on your subject. In my view , those are best notes. 
  15. When you write your answer in exam hall , be specific , to the point. 
  16. Do not write waste things , due to this sometimes examiner become irritated.  

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