"Tell No One"
Harlan Coben का नाम मेरे लिए नया नहीं था। Netflix पर उनकी कुछ वेब सीरीज़ देखने का मौका मिला था। उनकी कहानियों की सबसे बड़ी खासियत मुझे यही लगी कि वे शुरुआत से ही आपको अपने साथ बाँध लेती हैं। हर एपिसोड के बाद मन में एक ही सवाल आता था—"आखिर आगे क्या होगा?" शायद यही वजह रही कि मैंने तय किया कि अब उनकी कहानी को स्क्रीन पर नहीं, किताब के पन्नों पर महसूस किया जाए।
"Tell No One" की कहानी भी पहली नज़र में बेहद रोचक लगी। एक पति, जिसकी पत्नी की हत्या हो चुकी है, आठ साल बाद अचानक ऐसे संकेत पाता है जो उसकी पूरी दुनिया बदल देते हैं। क्या उसकी पत्नी सचमुच मर चुकी है? अगर हाँ, तो ये संदेश कौन भेज रहा है? और अगर नहीं, तो इतने सालों तक वह कहाँ थी? बस यही रहस्य इस किताब को पढ़ने के लिए काफी है।
लेकिन मेरे लिए यह किताब सिर्फ एक थ्रिलर नहीं है।यह मेरी नई पढ़ने की आदत की शुरुआत है।
मुझे हमेशा लगता है कि एक लेखक जितना लिखता है, उससे कहीं ज़्यादा उसे पढ़ना चाहिए। लिखने के लिए शब्द तो मिल जाते हैं, लेकिन विचार, दृष्टिकोण और कहानी कहने का तरीका पढ़ने से ही विकसित होता है। मैं हिंदी में लिखता हूँ, लेकिन अब चाहता हूँ कि दुनिया के अच्छे लेखकों को भी पढ़ूँ। शायद उनकी शैली से कुछ सीख सकूँ, शायद अपने लेखन को थोड़ा और बेहतर बना सकूँ।
आज जब अधिकांश लोग मोबाइल स्क्रीन पर कुछ सेकंड की रील देखकर आगे बढ़ जाते हैं, तब किताब के साथ कुछ घंटे बिताना अपने आप में एक अलग अनुभव है। किताब आपको जल्दी नहीं करती। वह आपको रुकना, सोचना और कहानी के साथ जीना सिखाती है।
मुझे नहीं पता कि "Tell No One" पढ़ने के बाद यह मेरी सबसे पसंदीदा किताब बनेगी या नहीं, लेकिन इतना ज़रूर जानता हूँ कि यह किताब मुझे फिर से पढ़ने की दुनिया में ले जाने वाली पहली सीढ़ी है।
उम्मीद है कि इस एक किताब के बाद मेरी अलमारी में Harlan Coben की और भी किताबें होंगी, और उनके साथ-साथ दूसरे लेखकों की भी। क्योंकि अब महसूस होने लगा है कि अच्छी किताबें सिर्फ समय नहीं बितातीं, वे इंसान को भीतर से थोड़ा बेहतर भी बना देती हैं।
मैं चाहता हूँ कि आने वाले समय में मेरी पहचान सिर्फ एक लेखक के रूप में नहीं, बल्कि एक अच्छे पाठक के रूप में भी बने। शायद हर अच्छा लेखक बनने से पहले एक अच्छा पाठक बनना ज़रूरी होता है।
© आशीष कुमार, उन्नाव
17 july , 2026.
